देहरादून।…सरकार के मूल्यांकन में विकास कार्यों के साथ ही दूर छोर पर खड़े गरीब व्यक्ति तक उसकी पहुंच को भी शामिल किए जाने पर जोर देते हुए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत ने रविवार को कहा कि उनकी सरकार की नीतियों का केंद्र बिंदु आम व्यक्ति रहा है। उन्होंने कहा, सरकार ने समावेशी विकास की दिशा में मजबूती के साथ कदम बढ़ाए हैं।

अस्थायी राजधानी देहरादून में आयोजित एक कार्यक्रम में राज्य सरकार के चार वर्ष पूरे होने के मौके पर ‘चार वर्ष की यात्रा अखंड….आगे बढ़ता उत्तराखंड’ का विमोचन करने के बाद दिए अपने संबोधन में मुख्यमंत्री रावत ने कहा, ‘हमारी कोशिश है कि उत्तराखंड सबकी परवाह करने वाले राज्य के तौर पर दिखे। सरकार के मूल्यांकन में विकास कार्यों के साथ ही यह भी देखा जाना चाहिए कि दूर छोर पर खड़े गरीब व्यक्ति तक सरकार कितना पहुंच पाई है।’

उन्होंने कहा कि प्रारम्भ से ही हमारी सरकार की नीतियों का केंद्र बिंदु आम व्यक्ति रहा है और हमने समावेशी विकास की दिशा में मजबूती के साथ कदम बढ़ाए हैं। रावत ने कहा कि पिछले तीन साल की तरह इस साल भी हमारे बजट का बड़ा हिस्सा वंचित, पिछड़े, गरीब, दलित, अल्पसंख्यक व जरूरतमंद तबके को समर्पित किया गया है और सामाजिक सुरक्षा पर बल देने का ही परिणाम है कि साल 2012 में जहां केवल 1.75 लाख व्यक्तियों को सामाजिक सुरक्षा की पेंशन मिल रही थीं। वहीं अब यह संख्या बढ़कर 6.5 लाख हो गई है। उन्होंने कहा कि इस साल के बजट के क्रियान्वयन के बाद इसमें एक लाख का इजाफा और हो जाएगा।

राज्य के इस साल के शानदार बजट के लिए वित्त मंत्री डॉ. इंदिरा हृदयेश को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ज्यों-ज्यों हमारे संसाधन बढ़ते जाएंगे, वंचित वर्गों को और अधिक सहायता मिलती जाएगी। उन्होंने कहा कि हमारी कोशिश है कि हमारी सहायता उस व्यक्ति तक पहुंच सके जो दूर गांव में अपने व अपने बच्चों के सुनहरे भविष्य की उम्मीद लगाए बैठा है।

रावत ने कहा कि प्रत्येक कार्यक्रम का मूल्यांकन इस आधार पर भी किया जाता है कि इनसे कितने रोजगार के अवसर उत्पन्न कर रहे हैं और इसलिए राजीव गांधी अभिनव प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारम्भ किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इसके अलावा स्कूल छोडने वाले बच्चों के लिए भी स्किल डेवलपमेंट की व्यवस्था की जा रही है।

वृद्धि दर के ऊंचे होने से रोजगार के अवसर ज्यादा उत्पन्न होने की बात कहते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इसलिए पिछले सालों के दौरान उसे न केवल एक स्तर पर बनाए रखा गया, बल्कि रखा है बल्कि उसमें बढ़ोतरी भी की गई।

मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि साल 2011-12 में प्रति व्यक्ति आय 78 हजार रुपये से बढ़कर अब एक लाख 55 हजार रुपये से ज्यादा हो गई है। देश व राज्य की तरक्की के लिए सामाजिक सौहार्द को जरूरी बताते हुए रावत ने कहा कि उत्तराखंड जैसे राज्य में यह समरसता सबसे अधिक है। साल 2013 में आयी प्राकृतिक आपदा सहित राज्य के सामने आयी कई चुनौतियों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेशवासियों ने अपनी संकल्पशक्ति से सबका बखूबी सामना किया है।

किसी भी राज्य के विकास में केंद्र सरकार का सहयोग जरूरी बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हम केंद्र की योजनाओं से समन्वय स्थापित करने के अलावा उनमें कुछ जोड़ ही रहे हैं, जैसे कृषक बीमा योजना में किसानों द्वारा देय प्रीमियम की 50 प्रतिशत राशि का भुगतान तथा प्रधानमंत्री जनधन योजना में लाभार्थी द्वारा दिए जाने वाले प्रीमियम का भुगतान राज्य सरकार द्वारा किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 14 वें वित्त आयोग की संस्तुतियों के बाद उत्तराखंड एकमात्र ऐसा राज्य है, जिसे नुकसान हुआ है। रावत ने कहा कि हम अपनी उपलब्धियों को कम करके आंकते हैं और हाल ही में एक प्रतिष्ठित संस्था ने अपने सर्वे में उत्तराखंड को ‘सबसे कम भ्रष्टाचार वाला राज्य’ पाया है और साथ ही ‘व्यापार के करने में सहजता’ में भी राज्य का आठवां स्थान रहा है।

उन्होंने कहा कि बिना वजह घपलों के आरोपों से सिस्टम द्वारा निर्णय लेने की क्षमता में कमी आती है और बिना तथ्यों के आरोप प्रत्यारोप से राज्य का ही अहित होता है।