एक्साइज ड्यूटी लगाने के विरोध में सर्राफा कारोबारियों का आंदोलन अब लगातार उग्र होता जा रहा है। अब देशभर के सर्राफा कारोबारियों ने चेतावनी दी है कि वह शुक्रवार को रेल रोकेंगे।

इसके बाद 14 मार्च को देहरादून बंद किया जाएगा, जिसके लिए विभिन्न व्यापारिक संगठनों से समर्थन मांगा जा रहा है। इसी क्रम में गुरुवार को सर्राफा कारोबारियों ने प्रतीकात्मक रूप से वित्त मंत्री की अस्थियों का विसर्जन किया।

ज्वैलर्स एसोसिएशन ऑफ उत्तरांचल, सर्राफा मंडल, युवा सर्राफा मंडल, स्वर्ण शिल्प समिति और स्वर्णकार संघ की ओर से एक्साइज ड्यूटी के खिलाफ गुरुवार को भी आंदोलन जारी रहा। व्यापारियों ने प्रतीकात्मक रूप से वित्त मंत्री की अस्थियां विसर्जित की। इसके बाद क्रमिक अनशन शुरू कर दिया।

देहरादून में रोकी जाएगी लिंक एक्सप्रेस
गुरुवार शाम कांग्रेस के प्रदेश महासचिव आर्येंद्र शर्मा अनशन खत्म कराने पहुंचे। इससे पहले सर्राफा मंडल, स्वर्णकार संघ सहित सभी संगठनों के पदाधिकारियों ने एक प्रेस वार्ता की। उन्होंने बताया कि आंदोलन के क्रम में शुक्रवार को देहरादून में लिंक एक्सप्रेस रोकी जाएगी। 14 मार्च को उन्होंने दून बंद का ऐलान किया है।

इसके लिए सभी व्यापारिक संगठनों से समर्थन मांगा जा रहा है। प्रेस वार्ता में सर्राफा मंडल के सचिव मनमीत सिंह ने कहा कि सरकार का यह इंस्पेक्टर राज वाला कानून चलने नहीं दिया जाएगा।

ज्वैलर्स एसोसिएशन ऑफ उत्तरांचल के प्रदेश सचिव गुरजीत सिंह ने कहा कि वह हर हाल में अपने आंदोलन से सरकार को बैकफुट पर जाने के लिए मजबूर कर देंगे। उन्होंने कहा कि सरकार को इस बात की परवाह नहीं है कि उनके एक फैसले की वजह से नौ दिनों से लाखों की संख्या में इस कारोबार से जुड़े लोग बेरोजगार हैं।

मंडल के उपाध्यक्ष सुनील मैसोन ने कहा कि सरकार चाहे तो कस्टम ड्यूटी को 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 11 या 12 प्रतिशत कर ले। इससे सरकार को राजस्व मिलेगा, लेकिन एक्साइज ड्यूटी का यह कानून बर्दास्त नहीं किया जाएगा।

अध्यक्ष प्रवीण जैन ने कहा कि ऐसा ही हाल रहा तो साल 1964 की तरह सर्राफा से जुड़े लोग आत्महत्या जैसा घातक कदम उठा लेंगे तो इसका जिम्मेदार कौन होगा।

जिला स्वर्णकार संघ के अध्यक्ष पंकज मैसोन ने कहा कि उन्हें इस आंदोलन में जिस तरह से समर्थन मिल रहा है, उससे उनका हौसला बढ़ा है। उन्होंने कहा कि वह जीत दर्ज होने तक आंदोलन जारी रखेंगे।

प्रेस वार्ता में उत्तराखंड स्वर्णकार संघ के अध्यक्ष सरदार हरभजन सिंह सौंधी, महासचिव विश्वनाथ कोहली, कोषाध्यक्ष बालाजी शिंदे, ज्वैलर्स एसोसिएशन ऑफ उत्तरांचल के अध्यक्ष विपिन बैरी, महासचिव गुरजीत सिंह, रमेश मैसोन, प्रवीन जैन, मनमीत सिंह, सत्यम रस्तोगी, गौरव रस्तोगी, सुमित गोयल आदि मौजूद रहे।