उत्तराखंड की पहली मेट्रो मुरादनगर-हरिद्वार के बीच दौड़ेगी, कैबिनेट से एक निगम को मिली हरी झण्डी

हरीश रावत सरकार ने उत्तराखंड में मेट्रो रेल दौड़ाने की उम्मीदें जगा दी हैं। जिसके लिए बकायदा कैबिनेट से एक निगम को हरी झंडी मिल गई है। लेकिन बड़ा सवाल ये है कि क्या उत्तराखंड के सीमित वित्तीय संसाधनों के मद्देनजर ये कवायद परवान चढ़ पाएगी।

कैबिनेट बैठक में शहरी क्षेत्रों में मेट्रो के लिए कॉर्पोरेशन बनाने पर मुहर लग गई है। यानी मुख्यमंत्री हरीश रावत मेट्रो की बात तो लंबे समय से कर रहे थे, लेकिन अब उनकी सरकार ने इसकी कवायद शुरू कर दी है। सीएम के मीडिया सलाहकार सुरेंद्र कुमार का कहना है कि रावत का मेट्रो रेल चलाना बडा महत्वाकांक्षी सपना है। बढ़ते जनदबाव की वजह से अनियंत्रित हो रहे यातायात की समस्या से निजात पाने के लिए इसकी जरूरत है।

गौरतलब है कि पिछले महीने यूपी के कैबिनेट मंत्री शिवपाल यादव और सीएम हरीश रावत के बीच मीटिंग में मेट्रो रेल पर चरचा हुई थी, जिसके तहत उत्तर-प्रदेश के मुरादनगर और उत्तराखंड के हरिद्वार के बीच मेट्रो रेल चलाने के लिए एक सहमति पत्र पर साइन भी हुए और अब उत्तराखंड राज्य कैबिनेट ने देहरादून समेत अन्य शहरों में भविष्य में मेट्रो रेल के लिए एक निगम बनाने को मंजूरी दी है।

बीजेपी नेता त्रिवेंद्र सिंह रावत का कहना है कि मुख्यमंत्री सपने बेचने में माहिर है, लेकिन राज्य की स्थिति ऐसी नहीं कि वो मेट्रो चला पाए। मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव का दावा है कि सरकार एन्युटि मॉडल के तहत लैण्ड कैपिटलाइजेशन और कमर्शियल बेस्ड प्रोजेक्ट को बढ़ावा देकर मेट्रो का ख्वाब पूरा करेगी।