बैंक से संबंधित अगर कोई काम हैं तो सभी को 9 मार्च तक निपटा लें। बता दें कि 10 और 11 को बैंकों में हड़ताल रहेगी। देश के सभी ग्रामीण बैंकों में कार्यरत 35 हजार से ज्यादा कर्मचारी 11 सूत्री मांगों के समर्थन में 10 और 11 मार्च को हड़ताल पर जा रहे हैं।

हड़ताल का आह्वान यूनाइटेड फोरम ऑफ आरआरबी यूनियन्स ने किया है। हड़ताल में उत्तराखंड ग्रामीण बैंक अधिकारी संगठन, उत्तराखंड ग्रामीण बैंक कर्मचारी संघ भी शामिल होगा।

उत्तराखंड ग्रामीण बैंक अधिकारी संगठन के अध्यक्ष भुवनेंद्र बिष्ट और उत्तराखंड ग्रामीण बैंक कर्मचारी संघ के अध्यक्ष राजेंद्र कुमार ने सभी से आंदोलन में एकजुट होने का आह्वान किया है। उन्होंने बताया कि दो दिन तक पूर्ण हड़ताल रहेगी।

यह हैं बैंककर्मियों की मांगें

  • ग्रामीण बैंकों के निजीकरण के लिए ग्रामीण बैंक अधिनियम 1975 में संशोधन के लिए लाए गए बिल को निरस्त किया जाए।
  • सभी सरकारी बैंकों की तरह ग्रामीण बैंकों में भी अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति शुरू की जाए।
  • सभी सरकारी बैंकों के समान पेंशन योजना को ग्रामीण बैंकों में भी लागू किया जाए।
  • सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के अनुसार दसवें वेतन समझौते को पूर्ण रूप से ग्रामीण बैंकों में भी लागू किया जाए।
  • ग्रामीण बैंकों में मानव संसाधन मामलों के लिए बनी मित्रा कमेटी के प्रावधानों को खत्म किया जाए।
  • सेवा संबंधी नियम सरकारी बैंकों के समान बनाए जाए।
  • शीर्ष स्तर पर आईबीए को ग्रामीण बैंकों का भी समझौता फोरम बनाया जाए।
  • ग्रामीण बैंकों में आउटसोर्सिंग खत्म की जाए।
  • दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को नियमित किया जाए।
  • नए कार्यालय सहायकों को स्नातक वेतन बढ़ोतरी सरकारी बैंकों के समान दिया जाए।
  • ग्रेच्युटी देते समय ग्रेच्युटी एक्ट 1972 का पूर्ण पालन किया जाए।