रुद्रप्रयाग जिले के जखोली में 76 करोड़ की विकास योजनाओं का शिलान्यास करते हुए मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि राज्य सरकार प्रत्येक गांव को विकास की मुख्य धारा से जोड़ रही है। प्रत्येक गांव तक सड़क पहुंच रही है। राज्य सरकार ने रुद्रप्रयाग जिले को जैविक जिला घोषित किया है। इसलिए काश्तकारों को जैविक खेती की ओर अग्रसर होना होगा।

राजकीय महाविद्यालय जखोली के छात्र संघ सम्मान समारोह, राजकीय पशु महाविद्यालय मेदनपुर एवं राजकीय नर्सिंग कॉलेज नौगांव के शिलान्यास कार्यक्रम में पहुंचे मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि शिक्षा को बेहतर दिशा देने के लिए प्रदेश सरकार लगातार कोशिश कर रही है।

नए शिक्षा सत्र में राज्य के सभी विद्यालयों में अध्यापकों एवं प्रधानाचार्यों की तैनाती कर दी जाएगी। जिन विद्यालयों के पास भवन नहीं हैं, उन्हें भवन उपलब्ध कराए जाएंगे। सीएम ने कहा कि चिरबिटिया में पहले से ही कृषि महाविद्यालय की स्थापना हो चुकी है, जबकि बड़मा दिगधार में सैनिक स्कूल का निर्माण कार्य प्रगति पर है।

अब पशु महाविद्यालय एवं नर्सिंग कॉलेज की स्थापना होने से यहां के छात्रों को लाभ मिलेगा। जिले के छात्रों को बाहरी जिलों एवं राज्यों का रुख नहीं करना पड़ेगा। हरीश रावत ने कहा कि जनता का विश्वास राज्य सरकार पर है। चार साल में राज्य का संपूर्ण विकास करने के प्रयास हुए हैं। आपदा से उभरने में जनता ने अपना सहयोग प्रदान किया है। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय विधायक डॉ. हरक सिंह रावत के सहयोग से जखोली विकासखण्ड का चहुंमुखी विकास हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा, शिक्षा को बेहतर दिशा देने के लिए सरकार ने गेस्ट अध्यापकों की तैनाती की है। अब एलटी शिक्षकों की तैनाती भी की जा रही है। राज्य में सरकारी नौकरियों में 40 हजार युवाओं को मौका दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक गांव के पानी को आने वाले वर्षों में उपयोग में लाया जाएगा और प्रत्येक गांव को आत्मनिर्भर बनाया जाएगा।

स्थानीय विधायक एवं कैबिनेट मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने कहा कि मुख्यमंत्री हरीश रावत के नेतृत्व में प्रदेश निरंतर विकास की ओर अग्रसर है। राज्य के सभी गांवों को सभी प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार का उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि पूर्व में रुद्रप्रयाग विधानसभा के लिए की गई घोषणाओं पर अमल हो रहा है। जगह-जगह घोषणाओं पर इन दिनों कार्य हो रहा है। मुख्यमंत्री की सभी घोषणाओं को प्राथमिकता दी जा रही है।