धर्मशाला में 19 मार्च को होने वाले वर्ल्ड टी20 चैंपियनशिप के भारत-पाकिस्‍तान मुकाबले का इंतजार दुनियाभर के क्रिकेट प्रशंसकों को है। लेकिन इस मैच को लेकर विरोध लगातार बढ़ता जा रहा है।

नूरपुर से बीजेपी के पूर्व विधायक राकेश पठानिया के बाद अब हिमाचल के मुख्‍यमंत्री वीरभद्र सिंह ने गृहमंत्री राजनाथ सिंह को चिट्ठी लिखकर कहा है कि इस मैच को रद्द किया जाए या फिर किसी अन्य स्थान पर आयोजित किया जाए।

वीरभद्र सिंह का कहना है कि हमारे राज्य के कई जवान बॉर्डर पर पाकिस्‍तान के खिलाफ जंग लड़ रहे हैं और शहीद हुए हैं। हम अपने जवानों की शहादत का सम्मान करते हैं और ऐसे में पाकिस्‍तान के साथ धर्मशाला में क्रिकेट मैच होने के पक्ष में नहीं हैं।

इतना ही नहीं हिमाचल प्रदेश कांग्रेस समिति की कार्यकारिणी ने भारतीय क्रिकेट बोर्ड के सचिव और बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर भी धर्मशाला में भारत-पाकिस्तान मैच कराने के फैसले की आलोचना कर चुके हैं।

कुछ दिन पहले नूरपुर से बीजेपी के पूर्व विधायक राकेश पठानिया ने एक प्रमुख प्रादेशिक चैनल से विशेष बातचीत के दौरान कहा था कि वह धर्मशाला में भारत-पाकिस्‍तान का मैच नहीं होने देंगे। उन्‍होंने कहा कि हिमाचल एक देव भूमि है और हिमाचल के जवानों ने देश के लिए जान दी है। धर्मशाला में मैच होने से उनकी भावना को ठेस पहुंचेगी।

पठानिया ने कहा कि हिमाचल के लोग नपुंसक नहीं हैं और न ही हिमाचल के लोगों ने चुड़ियां पहन रखी हैं हिमाचल कि सीमा में पाकिस्तान की टीम को नहीं आने दिया जाएगा। इसके लिए कांगड़ा ने नौजवान किसी भी हद तक जाने के लिए तैयार हैं।

पठानिया ने कहा की एचपीसीए शहीदों का अपमान कर रही है। एचपीसीए का कहना है कि शहीदों के परिवारों की मदद एचपीसीए करेगा। पैसे से शहादत नहीं खरीदी जा सकती। हिमाचल व देश के जवानों ने पैसों के लिए जान नहीं दी है।