मोदी ने ‘मन की बात’ करके बताया बजट को अपनी परीक्षा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को एक बार फिर देशवासियों के साथ ‘मन की बात’ की। आकाशवाणी पर प्रसारित कार्यक्रम में पीएम ने बोर्ड परीक्षा देने वाले छात्रों को सकारात्मक रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि आपकी परीक्षा 1 मार्च से हो रही है। मुझे भी कल परीक्षा देनी है। सवा सौ करोड़ देशवासी मेरी परीक्षा लेने वाले हैं। हम सब सफल हों, तो देश भी सफल होगा।

मोदी ने छात्रों से कहा कि सफलता-विफलता के तनाव से मुक्त होकर आगे बढ़िए, डटे रहिए। अनुशासन सफलता को मजबूत बनाने की आधारशिला है, इसलिए छात्रों को दूसरों से स्पर्धा करने की बजाय खुद से स्पर्धा करनी चाहिए और आशाओं के बोझ के नीचे दबने की बजाय अपना लक्ष्य खुद निर्धारित करना चाहिए।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा कि आर्थिक चुनौतियों से निपटने के लिए कृषि को पहली प्राथमिकता बनाने की जरूरत है। सभी राज्य सरकारें इस काम में केंद्र का साथ दें तो 2022 तक देश में किसानों की आय दोगुनी हो जाएगी।

यूपी के बरेली में किसान कल्याण रैली में मोदी ने कहा कि किसान भारत की जान हैं। इनकी समृद्धि के बगैर देश की खुशहाली की बात सोची भी नहीं जा सकती। केंद्र सरकार ने किसानों के हित में प्रधानमंत्री फसल बीमा, सिंचाई बीमा, मृदा स्वास्थ्य कार्ड जैसी कई योजनाएं शुरू की हैं। राज्य कृषि और किसानों के काम को अपनी प्राथमिकता में लेकर उन पर अमल करें।

बुंदेलखंड के हालात पर चिंता जताते हुए पीएम ने कहा कि पांच नदियों का कुदरती उपहार होते हुए भी पानी का संकट शर्म का विषय है। केंद्र हर खेत तक पानी पहुंचाने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है।