दुनिया का सबसे सस्ता स्मार्टफोन ‘फ्रीडम 251’ देने का दावा करने वाली कंपनी रिंगिंग बेल्स ने अब लोगों के पैसे लौटाने शुरू कर दिए हैं। अबतक कंपनी ने स्मार्टफोन की बुकिंग करने वाले 30 हजार लोगों के पैसे लौटा दिए है। कंपनी फिलहाल कैश ऑन डिलिवरी के ऑप्शन पर भी काम कर रही है।

जानकारी के अनुसार, 7 करोड़ अधिक लोग फोन के लिए ऑनलाइन रजिस्टर कर चुके हैं, जबकि कंपनी ने अभी तक सिर्फ तीस हजार मोबाइल फोन के लिए ही भुगतान की प्रक्रिया पूरी की है। एक टीवी चैनल से बातचीत में कंपनी के डायरेक्टर ने वह दस्तावेज दिखाए, जिसमें ग्राहकों के अकाउंट में पैसे ट्रांसफर करने की डिटेल दी गई है।

कंपनी के डॉयरेक्टर ने दावा किया था कि आधिक पैमाने पर फोन की इतनी कम कीमत संभव है और भारत में फोन बनाकर हम इंपोर्ट कॉस्ट को भी कम कर सकेंगे।

हालांकि अब कंपनी के प्रवक्ता ने बताया है कि अभी तक सिर्फ 30 हजार यूनिट स्मार्टफोन के लिए ही केवल पेमेंट मेल भेजे गए हैं। इसके अलावा बाकी लोगों से पेमेंट नहीं ली गई है। कंपनी ने कहा है कि रजिस्टर करने वाले 25 लाख यूजर को पेमेंट के लिए जल्द ईमेल भेजेगी। कंपनी अभी कैश ऑन डिलिवरी के ऑप्शन पर भी काम कर रही है।

गौरतलब है कि इतना सस्‍ता मोबाइल देने के दावे की जांच के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने रिंगिंग बेल्स से पूछताछ की थी। यहां तक कि कांग्रेस सांसद ने संसद में इसे अब तक का सबसे बड़ा घोटाला बताया था।

हाल ही में रिंगिंग बेल्‍स के प्रवक्ता ने बताया था कि कंपनी ने अभी तक केवल 30,000 स्मार्टफोन के लिए ही भुगतान की प्रक्रिया पूरी की है। साथ ही इस फोन को बनाने को लिए इसके पार्ट बाहर से इंपोर्ट किए जाएंगे जो भारत में असेंबल किए जाएंगे। ऐसे में ये फोन मेड इन इंडिया नहीं होगा।

हालांकि कंपनी ने इस बात का कोई साफ जवाब नहीं दिया कि इतनी कम कीमत में आखिर पार्ट इंपोर्ट करके स्मार्टफोन कंपनी कैसे बनाएगी।