पौड़ी जिले में श्रीनगर के निकट मलेथा में स्टोनक्रेशरों के खिलाफ आंदोलनकारी ग्रामीणों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने सहित 11 सूत्रीय मांगों को लेकर पांच दिनों से कीर्तिनगर में आमरण अनशन कर रहे गणेश भट्ट ने खुद को बेड़ियों में जकड़ दिया है।

मलेथा के स्टोनक्रेशर विरोधी आंदोलनकारियों पर कई महीने पहले दर्ज मुकदमों को हटाने की मुख्य मांग सहित कीर्तिनगर में तहसील स्थापित करने व अन्य मांगों को लेकर अनशन कर रहे गणेश भट्ट की अब तबियत बिगड़नी शुरू हो गई है। पुलिस की चेतावनी के मद्देनजर अनशनकारी भट्ट ने अब अपने आपको जंजीरों में बांध दिया है।

पिछले 6 दिन से आमरण अनशन पर डटे गणेश भट्ट का कहना है कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर ठोस आश्वासन नहीं देती, वो अनशन खत्म नहीं करेंगे। उनका कहना है कि सरकार या प्रशासन का कोई प्रतिनिधि अब तक उनकी सुध लेने नहीं पहुंचा है।

प्रदेश सरकार पर अपनी मांगों को नजरअंदाज करने का आरोप लगाते हुए अनशनकारी भट्ट का कहना है कि पांच दिनों में भी उनका और उनकी मांगों के प्रति सरकार का सुध न लेना इसका सुबूत भी है।

उनका कहना है कि पुलिस डाक्टरी रिपोर्ट के आधार पर अनशनस्थल से उन्हें उठाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने आप को जंजीरों में बांधा ही इसलिए है क्योंकि पुलिस उन्हें उठाने की धमकी दे रही है।

उनका कहना है कि पुलिस द्वारा उनके स्वास्थ्य के मद्देनजर उन्हें अनशन खत्म करने की 24 घंटे की चेतावनी दी गई है। उन्होंने अपनी मांगों को लेकर अडिग, अटल रहने की बात भी कही।

कीर्तिनगर में नगर पंचायत के यात्री प्रतिक्षालय में पांच दिनों से आमरण अनशन पर बैठे गणेश भट्ट को समर्थन देने बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी पहुंच रहे हैं।

अनशनकारी भट्ट द्वारा देवप्रयाग में गैस एजेंसी की स्थापना, जलविद्युत परियोजना से निकाले गए युवाओं की नौकरी बहाल करने, भूतपूर्व सैनिकों के लिए सीएसडी कैंटीन कीर्तिनगर में स्थापित करने जैसी क्षेत्रीय मांगों की वजह से बड़ी संख्या में लोग उनके आंदोलन से जुड़ रहे हैं।