उत्तराखंड की अस्थाई राजधानी देहरादून में राज्य कैबिनेट की बैठक में कई अहम फैसले लिए गए हैं। खास तौर पर बजट सत्र पर फोकस रही कैबिनेट की बैठक में करीब 39 हजार करोड़ से ज्यादा के बजट को कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है। साथ ही राज्य में मलिन बस्तियों के मालिकाना हक को लेकर राजकुमार कमेटी की रिपोर्ट पर भी कैबिनेट में सैद्धांतिक सहमति बन गई है, जिसको लेकर बजट सत्र में बिल लाया जा सकता है।

मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि राज्य के बजट से जनता को उम्मीद से कुछ ज्यादा ही देने की कोशिश हो रही है। कैबिनेट की बैठक में लिए गए कई अहम फैसले इस प्रकार हैं…

  • राज्य के करीब 39,000 करोड़ के बजट पर कैबिनेट की मुहर
  • एमएसएमई नीति में संशोधन को कैबिनेट की मंजूरी
  • उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष, सदस्यों के वेतन बढ़ाने का फैसला
  • आपदा पुनर्निर्माण में आवासीय एवं लोक भवनों का मामला
  • पुनर्निर्माण को लेकर नीति में संशोधन को कैबिनेट की मंजूरी
  • पूर्व विधायकों के पेंशन, भत्तों में बढ़ोत्तरी में कैबिनेट की मंजूरी
  • पीपलकोटी को नगर पंचायत का दर्जा देने को कैबिनेट की मुहर
  • सीएम ने घोषणा की थी, पीपलकोटी को नगर पंचायत बनाने की
  • जल संसाधन प्रबंधन एवं नियामक आयोग का होगा गठन
  • जलकर एवं नियामक अधिनियम को मिलाकर बनेगा एक
  • भूगर्भ जल के उपयोग को लेकर कानून का बनाने का फैसला
  • विधानसभा में लाया जाएगा भूगर्भ जल प्रबंधन विधेयक
  • इंदिरा मार्केट देहरादून के पुनर्विकास का लिया गया फैसला
  • अल्मोड़ा में आवासीय विश्वविद्यालय की स्थापना का लिया गया फैसला
  • लेखा परीक्षा विभाग के घाटे एवं नियमावली को मंजूरी
  • सचिवालय में 5 दिवसीय कार्य सप्ताह करने का भी फैसला

क्या हुआ कैबिनेट में
दरअसल कैबिनेट की बैठक करीब ग्यारह बजे शुरू हुई तो सबसे पहले बजट सत्र के लिए राज्य के अभिभाषण पर कैबिनेट की औपचारिक मुहर लगाई गई और उसके बाद सीधे बजट को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।

बजट पर विभागवार चर्चा होने के बाद करीब 39 हज़ार करोड़ से ज्यादा के बजट को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी। इस बजट में करीब 25 हजार करोड़ रुपए नॉन प्लान के बजट का है और बाकि का हिस्सा प्लान के बजट में विकास योजनाओं के लिए रखा गया है।

कैबिनेट की बैठक में राजस्व मंत्री यशपाल आर्य शामिल नहीं हुए क्योंकि यशपाल आर्य अपने पहले से तय कार्यक्रमों के चलते पिथौरागढ़ के दौरे पर थे, इसलिए कैबिनेट में राजस्व विभाग के मामलों में कोई फैसला भी नहीं हो सका। इसके अलावा स्वास्थ मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी भी रुद्रप्रयाग और कर्णप्रयाग के कार्यक्रमों के चलते कैबिनेट बैठक के लिए देहरादून नहीं पहुंच सके।

कैबिनेट की बैठक में ज्यादतर विधेयकों के मसौदों और विभागीय नियमावलियों को पास किया गया है ताकि बजट सत्र में उन सभी मामलों में संशोधन विधेयक या फ्रेस बिल लाकर कानून बनाया जा सके। इसमें मदरसा बोर्ड का एक्ट लाने की तैयारी भी शामिल है।

मुख्यमंत्री ने क्या कहा
हालांकि बजट सत्र की घोषणा हो जाने के कारण मुख्यमंत्री ने कैबिनेट के फैसलों को मीडिया में खुलकर नहीं बताया, लेकिन उन्होंने इतना जरूर कहा कि राज्य की जनता को बजट से जो उम्मीदें हैं राज्य सरकार उससे कहीं ज्यादा देने की ही कोशिश कर रही है और मलिन बस्तियों के मालिकाना हक के मामले में बजट सत्र में बिल लाया जा सकता है।