ऋषिकेश।… राष्ट्रीय बहादुरी पुरस्कार से सम्मानित और चार साल से लगातार उत्तराखंड जूनियर कुश्ती चैम्पियन रहे लाभांशु शर्मा ने ‘ग्रेट खली’ को कुश्ती लड़ने की चुनौती दी है। उन्होंने कहा कि ‘ग्रेट खली’ से कुश्ती लड़ने के पीछे उनका मकसद यही है कि युवा पहलवानों को आगे आने का अवसर मिले।

ऋषिकेश निवासी लाभांशु को पिछले साल राष्ट्रपति की और से राष्ट्रीय बहादुरी अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था। वह 2012 से लगातार स्टेट कुश्ती जूनियर चैंपियनशिप जीतते रहे है। वह नेशनल जूनियर कुश्ती चैम्पियन भी रहे।

ऋषिकेश में प्रेस भवन में प्रेस वार्ता में 18 वर्षीय लाभांशु शर्मा ने यह चुनौती देते हुए कहा कि सरकार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त कुश्ती जेसे खेल को बढ़ावा नहीं दे रही है। आज भी यहां के पहलवान मिट्टी के अखाड़ो में अपना हुनर दिखा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि ग्रेट खली के रेसलिंग शो के लिए सरकार एक करोड़ से अधिक खर्च कर चुकी है। इतने पैसों में उत्तराखंड के भीतर दस बढ़िया अखाड़े बन सकते थे।

लाभांशु ने कहा ग्रेट खली से कुश्ती लड़ने के पीछे उनका मकसद यही है कि युवा पहलवानों को भी मौका मिले। खली से लड़ने में जीत हार ज्यादा महत्व नहीं रखती है, लेकिन यदि ग्रेट खली उनकी चुनौती को स्वीकार करे तो वह 28 फरवरी को देहरादून या उसके बाद कभी भी उनसे कुश्ती लड़ सकते हैं।