गढ़वाल विश्वविद्यालय का केन्द्रीय विश्‍वविद्यालय बनने से काफी नुकसान हुआ है, इसका फायदा केवल शिक्षकों को हुआ है। आम छात्रों या स्थानीय लोगों का नहीं, बल्कि ये कहना है गढ़वाल विश्वविद्यालय के पूर्व शिक्षक और वर्तमान में कैबिनेट मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत का। श्रीनगर स्थित गढ़वाल विश्वविद्यालय के वार्षिकोत्सव के उद्घाटन के मौके पर उन्होंने ये बात कही।

हरक सिंह रावत ने कहा कि नए सभी कॉलेज और व्यक्तिगत परीक्षार्थी श्रीदेवसुमन से जुड़े रहेंगे, जबकि सभी तकनीकी संस्थान टेक्निकल विश्वविद्यालय से जुड़ेंगे। वार्षिकोत्सव के शुभारंभ को पहुंचे कैबिनेट मंत्री का छात्रों द्वारा घेराव भी किया गया।

छात्रों की मांग है कि पुलिस प्रशासन द्वारा छात्रसंघ अध्यक्ष पर हमला करने वाले छात्रों की गिरफ्तारी हो। कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि इस मामले में कानून अपना काम करेगा। उन्होंने कहा कि विवि में छात्रों को अपने मतभेदों को बातचीत के जरिए सुलझाना चाहिए न कि मारपीट से। उन्होंने कहा कि झगड़ा और मारपीट किसी समस्या का समाधान नहीं है।

चिकित्सा और शिक्षा मंत्री का जिम्मा भी देख रहे डॉ. हरक सिंह रावत ने कहा कि सरकारी क्षेत्र के श्रीनगर गढ़वाल स्थित पहले राजकीय मेडिकल कॉलेज के लिए स्थायी प्राचार्य की व्यवस्था अगले 4 दिनों के अंदर कर ली जाएगी। उन्होंने कहा कि राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर व हल्द्वानी में एमसीआई के मानकों के अनुरूप कोई भी चिकित्सक प्राचार्य के लिए कोई योग्यता नहीं रखता।

उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज श्रीनगर से पूर्व प्राचार्य को इसलिए हटाया गया, क्योंकि वित्त नियंत्रक और प्राचार्य के बीच झगड़े के कारण स्थिति बेहद खराब हो गई थी। उन्होंने पूर्व प्राचार्य द्वारा जबरन प्राचार्य कक्ष में बैठने और अब भी आदेश जारी करने को गलत बताते हुए अपनी नाराजगी जताई और कहा कि उन्हें कोई दखलअंदाज नहीं करनी चाहिए।