ऊधमसिंह नगर जिले में नानकमत्ता थाना क्षेत्र में ग्राम धूमखेड़ा इलाके में प्यार में धोखा देकर भांजे के साथ भागी प्रेमिका की हत्या के बाद प्रेमी ने खुद को भी गोली मारकर जीवन लीला खत्म कर ली। पुलिस ने भांजे और मृतक के पिता को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। प्रेमिका चार दिन पहले ही प्रेमी के भांजे के साथ नासिक से घर लाई गई थी।

रविवार को विधइया गांव निवासी मोहन सिंह (26) पुत्र मलकीत सिंह अपने भांजे गुरमीत सिंह (19) और मेहरबान नगर खटीमा निवासी मनोज रानी (22) को बाइक (UK06AX-0845) से ध्यानपुर अपनी बहन के घर ले जा रहा था। दोपहर करीब 02:45 बजे तीनों बाइक से धूमखेड़ा गांव पहुंचे।

यहां मोहन ने बाइक रोक दी और अपनी प्रेमिका मनोज रानी के साथ झगड़ने लगा। यह देख भांजा गुरमीत वहां से खिसक लिया। मोहन ने तमंचा निकालकर प्यार में धोखा देने की बात कहते हुए प्रेमिका के सिर में तमंचे से गोली मार दी और फिर खुद के भी सिर में गोली मारकर आत्महत्या कर ली।

इस वारदात से गांव में सनसनी फैल गई। दो राउंड गोली चलने की आवाज सुनकर ग्रामीणों का हुजूम मौके पर उमड़ पड़ा। ग्रामीणों ने थाना पुलिस को इसकी जानकारी दी। प्रभारी थानाध्यक्ष जयपाल सिंह चौहान पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने मोहन के बाएं पैर के पास पड़ा 315 बोर का अवैध तमंचा व दो खाली कारतूस बरामद किए।

प्रेमी-प्रेमिका की मौत की घटना के बाद सितारगंज सीओ प्रताप सिंह पांगती भी थाने पहुंच गए और भांजे गुरमीत व मोहन के पिता मलकीत को थाने बुलाकर पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया। सीओ पांगती ने बताया कि घटना की जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि गुरमीत दीपावली के समय अपने मामा मोहन की प्रेमिका को भगा ले गया था।

दिल्ली में कुछ समय रहने के बाद नासिक महाराष्ट्र चला गया। जहां करीब चार महीने तक उसने एक कंपनी में काम किया। परिजनों को पता लगने के बाद चार दिन पहले परिजन गुरमीत और मोहन की प्रेमिका को नासिक से लेकर यहां आए थे।

प्रेमिका के मायके वालों ने उससे नाता तोड़ लिया था, जिसके बाद वह गुरमीत के साथ सलमता गांव में रह रही थी। रविवार को दोनों मोहन के साथ ध्यानपुर गांव जा रहा था और रास्ते में वारदात को अंजाम दिया।