गुलामी की निशानी हैं ताजमहल, संसद और राष्ट्रपति भवन, इन्हें गिरा देना चाहिए : आजम खां

अपने विवादास्पद बयानाों के लिए मशहूर उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री आजम खां ने एक बार फिर ऐसा बयान दिया है, जिसका जवाब उनकी पार्टी से देते नहीं बनेगा। आजम खां का मानना है कि अंग्रेजों और मुगलों की हुकूमत में ताजमहल, राष्ट्रपति भवन और संसद भवन को बनाकर हुक्मरानों ने खजाने की बबार्दी की। खास बात तो यह है कि आजम ने ताजमहल सहित दोनों भवनों को गुलामी की निशानी करार दिया है।

आजम का कहना है कि देश में दासता की निशानी ताजमहल को तत्काल गिरा दिया जाना चाहिए, क्योंकि इन ऐतिहासिक इमारतों को देखकर गुलामी का अहसास होता है।

आईपीएन से बातचीत में मंत्री खां ने कहा, ‘ताजमहल को गिराने में मैं सबसे आगे रहूंगा। अंग्रेजों और मुगलों की हुकूमत की छाप अभी भी आपके सामने है। जिस समय हमारे देश में लोगों के पास कुछ खाने को नहीं था, उस समय हुक्मरानों ने ताजमहल बनवाया। यह खजाने की बर्बादी थी।’

उन्होंने कहा कि सत्ता की गद्दियों पर बैठे लोग देश के खजाने का इस्तेमाल अपने हितों के लिए करते रहे, जो गलत था।