देहरादून।… उत्तराखंड में सरकारी संरक्षण में खनन माफियाओं के हौसले बुलंद होने का आरोप लगाते हुए मुख्य विपक्षी बीजेपी ने अवैध खनन रोकने गई चमोली की नायब तहसीलदार की गाडी में टक्कर मारकर उनकी जान लेने के दुस्साहसपूर्ण मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।

अस्थायी राजधानी देहरादून में शनिवार को एक संवाददाता सम्मेलन में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने कहा कि उत्तराखंड में खनन माफियाओं का नंगा नाच हो रहा है। उन्हें रोकने का प्रयास करने वाले ईमानदार अधिकारियों पर मुख्यमंत्री कार्यालय से दवाब बनाया जा रहा है।

भट्ट ने इस संबंध में 26 जनवरी को चमोली जिले में हुई घटना की जानकारी देते हुए बताया कि चमोली की नायब तहसीलदार मंजू राजपूत बिरही नदी में हो रहे कथित अवैध खनन की सूचना पाकर उसे रोकने पहुंची, लेकिन इस धंधे में लिप्त अपराधियों को यह नागवार गुजरा और उन्होंने मंजू की गाडी को टक्कर मारकर उनकी जान लेने की कोशिश की।

उन्होंने कहा कि मंजू ने चमोली थाने में खनन माफियाओं के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई, लेकिन उस पर कार्रवाई होने की बजाय मुख्यमंत्री कार्यालय से अधिकारी पर मामला दबाने का दवाब बनाया जा रहा है।

उधर, इस बाबत संपर्क किए जाने पर चमोली के पुलिस क्षेत्राधिकारी जगदीश चंद्र यादव ने बताया कि दर्ज मामले की जांच की जा रही है और साक्ष्य इकट्ठा किए जा रहे हैं, जिसके बाद ही कार्रवाई की जाएगी।

चमोली पुलिस थाने को दी अपनी शिकायत में मंजू ने गौरव फर्सवाण तथा दो अन्य के खिलाफ अपने ट्रक से उनकी गाडी में टक्कर मारने का आरोप लगाया है। हांलांकि, यादव ने बताया कि फर्सवाण ने उत्तराखंड हाईकोर्ट से अपनी गिरफ्तारी पर स्थगन आदेश ले लिया है।