राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल के अधीन दून अस्पताल में अब एमआरआई मशीन खराब हो गई है। इसके चलते अस्पताल में एमआरआई जांच ठप है। मशीन ठीक होने में करीब एक सप्ताह का समय लगेगा। तब तक मरीजों को बाजार से महंगी कीमत पर एमआरआई कराने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

उत्तराखंड के सबसे बड़े अस्पताल दून में रोजाना करीब 20 से 25 मरीजों की एमआरआई होती है। बीपीएल और मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत भर्ती मरीजों की एमआरआई जांच निशुल्क की जाती है। वहीं, अन्य मरीजों की जांच 3500 रुपये में की जाती है।

बाजार में इन जांचों के लिए 7000 रुपये तक चार्ज किया जाता है। बताया जा रहा है कि मशीन में कूलिंग के लिए इस्तेमाल की जाने वाली हीलियम गैस खत्म हो गई है। जानकारों के मुताबिक हीलियम गैस दोबारा डालने में करीब 15 लाख से अधिक का खर्च आता है। यह खर्च मशीन कंपनी करती है।

करीब सात साल पुरानी मशीन में अब तक पांच बार इस तरह की परेशानी सामने आ चुकी है। अस्पताल के एमआरआई प्रभारी महेंद्र भंडारी ने बताया कि मशीन की जांच के लिए दिल्ली से मैकेनिक आ गए हैं। उन्होंने बताया कि मशीन ठीक होने में करीब एक सप्ताह का समय लग सकता है।