क्या भारत में पांच हजार साल पहले विमान उड़ रहे थे, क्या महाभारत युद्ध उन विमानों पर लड़ा गया था? क्या प्राचीन भारतीय संस्कृत ग्रंथों में कैद वो विमान वाकई में दुनिया के किसी कोने में खोज निकाला गया है? इस राज को सुलझाने का दावा किया गया है हमारे पड़ोसी देश अफगानिस्तान में।


कहा जा रहा है कि अफगानिस्तान की एक पहाड़ी की एक गुफा में 5000 साल पुराना एक भारतीय विमान मिला है और ये विमान एक अजीब सी ऊर्जा के कवच के घेरे में था।

कहा ये भी जा रहा है कि 8 अमेरिकी फौजी उस विमान को बाहर निकालने के दौरान अचानक ही गायब हो गए और उसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ने कई देशों के प्रमुखों को अफगानिस्तान बुला भेजा, एक हफ्ते के भीतर तीन और देशों के राष्ट्राध्यक्षों ने अफगानिस्तान का सीक्रेट दौरा किया। और इसकी खबर रूस के राष्ट्रपति ब्लादीमीर पुतिन को भी लग गई।

अफगानिस्तान की पहाड़ियों में क्या कैद है 5000 साल पुराना विमान वो विमान जिसका जिक्र प्राचीन भारतीय ग्रंथों में मिलता है, जिसकी तस्वीरें प्राचीन चट्टानों पर उकेरी गई हैं। अफगानिस्तान की पहाड़ियों में महाभारत के वक्त के इस विमान की तलाश है।

2012 के एक चौंकाने वाले वीडियो को सदी का सबसे बड़ा रहस्य माना जा रहा है। खबर मिली थी कि अफगानिस्तान में किसी गुफा के भीतर एक प्राचीन विमान मिला है। विमान यानी वो उड़नखटोला जिसका जिक्र संस्कृत के ग्रंथों में मिलता है, विमान के उड़ने के सैकड़ों किस्से महाभारत में कैद हैं, रामायण में, भगवत् गीता में, पुराण में अनगिनत प्राचीन तस्वीरों में, सैकड़ों साल पुराने भित्तिचित्रों या चट्टानों में उकेरी गई रेखाओं में ये विमान नजर आते हैं।

इन विमानों में बैठे लोगों को देवता कहा जाता है, तस्वीरों में आसमानी युद्ध का भी उल्लेख है, विमानों में छिपे अनोखे अस्त्रों का भी जिक्र है – क्या वाकई में 5000 साल पुराना ऐसा विमान अमेरिका ने अफगानिस्तान की एक गुफा के गर्भ में खोज निकाला गया था। एक अमेरिकी वेबसाइट ने ये वीडियो डाला। दावा किया कि ये अमेरिकी फौज से लीक किया गया था, इसमें 8 अमेरिकी मरीन कमांडो एक मिशन पर जाते नजर आ रहे हैं।

दावा किया गया कि ये मिशन प्राचीन भारतीय ग्रंथों में दर्ज विमान का पता लगाना था, ये विमान अफगानिस्तान की इस पहाड़ी की इस गुफा के भीतर फंसा पाया गया था। कहा जा रहा था कि कम से कम 5000 सालों से ये विमान इस गुफा में कैद है। उसे खोजने और निकालने की जिम्मेदारी उन मरीन कमांडोज को दी गई। ये कमांडो एक गुफा की पहचान करते हैं, लेकिन उसके भीतर घुप्प अंधेरा था, ये कमांडो लाइटें जलाते हैं और उसमें उतर पड़ते हैं। इस वीडियो में उनकी आपस की बातें भी सुनी जा सकती हैं।

अमेरिकी कमांडो आगे बढ़ते हैं, उनका नाइट विजन कैमरा हर हरकत कैद कर रहा है। कुछ चमकीली चीजें नजर आती हैं। आगे जमीन पर जैसे कुछ बत्तियां दिखने लगती हैं फिर अचानक एक झटका और एक अजीब सी आवाज के साथ ये कैमरा बंद हो जाता है। अमेरिकी वेबसाइट का दावा है कि ये वीडियो कैमरा बाद में उसी गुफा के द्वार पर पड़ा पाया गया, लेकिन वो 8 मरीन कमांडो कहां गए, उन्होंने उस गुफा के भीतर ऐसा क्या देखा।

क्या वाकई में उन्होंने 5000 सालों से पड़े उस प्राचीन भारत के विमान के दर्शन किए, लेकिन उसके बाद से उन कमांडोज का कोई पता नहीं चला, वो गायब हो गए, वो अदृश्य हो गए, लेकिन शायद आज का इंसान उस आविष्कार के करीब पहुंच गया, जिसका जिक्र सिर्फ प्राचीन ग्रंथों में देखा और सुना था। उसी के बाद अचानक ही दुनिया के बड़े नेताओं ने एक के बाद एक अफगानिस्तान के चक्कर लगाने शुरू कर दिए।

अफगानिस्तान की एक पहाड़ी में कोई रहस्य कैद है, इसकी भनक सबसे पहले रूसी खुफिया सर्विस को लगी। बताया जाता है कि 2012 में ही रूस के राष्ट्रपति पुतिन के लिए वहां की विदेश सीक्रेट सर्विस ने एक रिपोर्ट तैयार की, इसमें बताया गया कि पश्चिमी देशों के राष्ट्राध्यक्ष कोई रहस्य देखने अफगानिस्तान जा रहे हैं।

सच भी था, खुद अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने अफगानिस्तान के एक गुमनाम पहाड़ी इलाके का खुफिया दौरा किया था। रूस की इस खुफिया रिपोर्ट में किसी प्राचीन विमान के मिलने का जिक्र नहीं था। लेकिन कुछ सालों बाद ये सच सामने आ गया कि अमेरिकी फौज को 5000 साल पुराना एक विमान मिला है। शायद वही विमान जिसका जिक्र महाभारत में मिलता है। भारतीय संस्कृत ग्रंथों में ये विमान है, महर्षि भारद्वाज के वैमानिक शास्त्र में ये विमान है।

ये खोज कितनी अहम थी इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इस गुफा का पहला दौरा किया खुद दुनिया के सबसे ताकतवर इंसान अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने और अगले एक हफ्ते के भीतर चार देशों के राष्ट्राध्यक्ष भी एक के बाद एक अचानक अफगानिस्तान की उसी गुफा में पहुंचे।

ओबामा के बाद ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड कैमरन उसके बाद फ्रांस के उस वक्त के राष्ट्रपति निकोलस सरकोजी। सरकोजी उस वक्त भारत की यात्रा पर थे, भारत की यात्रा के बाद उन्हें वापस फ्रांस लौटना था, लेकिन अचानक ही वो अफगानिस्तान मुड़ गए। उसके बाद बारी आई जर्मनी की चांसर एंजला मॉर्केल की, इन चारों महाशक्तियों के राष्ट्राध्यक्षों का अफगानिस्तान की एक पहाड़ी की ओर आना ही रूस के राष्ट्रपति ब्लादीमीर पुतिन के कान खड़े कर गया, पुतिन ने रिपोर्ट मांगी और रूसी खुफिया एजेंसी पड़ताल में लग गई। लेकिन आखिर उस गुफा में क्या मिला।

अमेरिकी वायुसेना की एक लीक हुई रिपोर्ट में आगे की कहानी का पता चलता है बताया गया है कि 8 अमेरिकी मरीन कमांडो इस प्राचीन विमान के पास पहुंचते ही गायब हो गए। कहा जा रहा है कि महाभारत के वक्त का ये प्राचीन विमान एक अदभुत ऊर्जा कवच से घिरा हुआ था, ये ऊर्जा कवच उसे इतने सालों से बचाए हुए था कहा ये भी गया कि जैसे ही आठों अमेरिकी फौजियों ने उस विमान को हटाने की कोशिश की, वो टाइम वेल में खिंच कर गायब हो गए।