उत्तराखंड में अल्मोड़ा जिले के रानीखेत में 16 फरवरी की रात अराजक तत्वों द्वारा की गई आगजनी और माओवादी गतिविधियों को देखते हुए सरकार ने नानीसार में सुरक्षा के लिए पीएसी की एक टुकड़ी तैनात कर दी है।

गुरुवार दोपहर पीएसी के 36 जवानों ने नानीसार में मोर्चा संभाल लिया। दूसरी तरफ आगजनी और माओवादी गतिविधियों की जांच भी राजस्व पुलिस ने शुरू कर दी है। विद्यालय के विरोध में आंदोलन कर रहे द्वारसों के ग्रामीणों की नब्ज भी टटोली गई, लेकिन अभी तक कोई भी सुराग हाथ नहीं लग पाया है।

मंगलवार रात नानीसार में अराजक तत्वों ने निर्माणाधीन अंतरराष्ट्रीय आवासीय विद्यालय परिसर में खड़े डंपर को आग लगा दी। जेसीबी मशीन की वायरिंग जलाने की कोशिश की गई। परिसर में भारी मात्रा में माओवाद से संबंधित साहित्य, पर्चा, पोस्टर, देसी तमंचा और झंडा बरामद हुआ था।

साथ ही द्वारसों कस्बे में भी लाल स्याही से लिखे जनयुद्ध के पोस्टर भी चस्पा किए गए थे। जिंदल ग्रुप की ओर से इस मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। तहसीलदार दामोदर पांडेय ने मामले की जांच शुरू कर दी है। उन्होंने गुरुवार को द्वारसों में ग्रामीणों से इस संबंध पूछताछ की। सुबह से ही पूछताछ की कार्रवाई शुरू हो गई थी, लेकिन देर शाम तक कोई खास सुराग हाथ नहीं लग सका था।

राजस्व पुलिस ने विद्यालय के विरोध में आंदोलन कर रहे ग्रामीणों की नब्ज भी टटोली। माओवाद का साहित्य मिलने से क्षेत्र में एक बार फिर से भय का माहौल है। दो साल पहले लोकसभा चुनाव के दौरान भी सोमेश्वर विधानसभा क्षेत्र में कई स्थानों पर इस तरह के जनयुद्ध के पोस्टर चस्पा किए गए थे।

भाकपा माओवादी संगठन प्रतिबंधित संगठन है। इसके फिर से सक्रिय होने से लोगों में भय का वातावरण है। इधर, सुरक्षा की दृष्टि से सरकार ने नानीसार में पीएसी की एक टुकड़ी भी तैनात कर दी है। टुकड़ी में 36 जवान तैनात हैं।

उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी ने 29 फरवरी को उत्तराखंड बंद का आह्वान किया है। इसी को लेकर उपपा ने सहयोगी संगठन के साथ बैठक कर रणनीति तय की। वहीं बैठक में बुधवार को नानीसार में हुई घटना को साजिश बताया गया। बैठक में उपपा के अध्यक्ष पीसी तिवारी ने कहा कि सरकार आंदोलन को तोड़ने की साजिश रच रही है।

झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं। उन्होंने सीएम हरीश रावत को ड्रामेबाज बताते हुए कहा कि जैसा जिंदल सोसाइटी के लोग कह रहे हैं कि माओवादियों ने ट्रक के टायर फूंक दिए, जेसीबी में आग लगाने की कोशिश की गई, यह सब झूठ है। नानीसार में सोसाइटी की सुरक्षा व्यवस्था बहुत मजबूत है। वहां परिंदा तक पर नहीं मार सकता है। उन्होंने कहा कि सरकार आंदोलन को तोड़ने को लेकर साजिश रच रही है।

पीसी तिवारी ने कहा कि इस मामले में सीबीआई जांच कराई जाए तो सच सामने आ जाएगा। आरोप लगाया कि सरकार जमीन की खुली लूट में शामिल है। खनन, नशे के कारोबारियों को सत्ता का संरक्षण प्राप्त है।

बैठक में अन्य वक्ताओं ने कहा कि सरकार रोजगार और शिक्षा के नाम पर भी झूठ बोल कर जनता को गुमराह कर रही है। जनता के दबाव के बाद सरकार सोसाइटी की तरफ से जनता को लालच देने में लगी है जिसमें कहा जा रहा है कि यहां सोसाइटी 10 बेड का अस्पताल खोलेगी और गांव के लोगों का फ्री इलाज करेगी।

उन्होंने कहा कि जनता सरकार के प्रोपेगंडा को समझती है। बैठक में 29 फरवरी को उत्तराखंड बंद का आह्वान किया गया है। वहीं बैठक में बंद को लेकर रणनीति तय की गई। बैठक में भुवन चंद्र जोशी, जीवन चंद्र, प्रभात ध्यानी, पूरन चंद्र, हेमा कबड़वाल, मुकुल, प्रताप, संजीव, हेम पंत, अजीत साहनी, मनीष कुमार सहित कई वामपंथी संगठन के लोग भी मौजूद रहे।