काठमांडू।… नेपाल के प्रधानमंत्री के.पी. ओली के अपनी पहली भारत यात्रा पर रवाना होने से पहले नेपाल ने नए संविधान के संघीय ढांचे के तहत प्रांतों के सीमांकन के मुद्दे को सुलझाने के लिए गुरुवार को एक राजनीतिक समिति का गठन किया। मधेसी समुदाय अपने गृह क्षेत्र के बंटवारे के कारण नए संविधान का विरोध कर रहे हैं।

देर शाम हुई कैबिनेट की एक बैठक में 11 सदस्यीय राजनीतिक समिति के गठन का फैसला किया गया, जिसकी कमान उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री कमल थापा के हाथों में होगी। यह समिति प्रांतीय सीमाओं के विवाद को सुलझाने के उपायों की सिफारिश करेगी।

शिक्षा मंत्री गिरीराजमणि पोखरियाल के हवाले से माई रिपब्लिका ने बताया, ‘आज की कैबिनेट बैठक में समिति के गठन का फैसला किया गया, जिसे प्रधानमंत्री के भारत यात्रा से लौटने के बाद पूर्ण आकार प्रदान किया जाएगा।’

भारतीय मूल के मधेसी समुदाय के लोगों ने संसद में बेहतर प्रतिनिधित्व की मांग और नए संविधान के संघीय ढांचे को लेकर करीब छह महीने तक हिंसक विरोध प्रदर्शन किया। इसमें 50 से अधिक लोग मारे गए थे।