उत्तराखंड में पेयजल आयोग का गठन, एक अप्रैल से उद्योगों को 24 घंटे बिजली, काशीपुर के पास कोचिंग हब, अस्थायी राजधानी देहरादून में मेट्रो रेल के लिए अप्रैल तक कंसलटेंट की नियुक्ति, यह कुछ घोषणाएं हैं जो मुख्यमंत्री हरीश रावत ने मंगलवार को एक साथ कर दीं।

आगामी बजट को लेकर जनता के सवालों और सुझावों पर गौर करने के लिए हुए कार्यक्रम में जितने सवाल उठे, अधिकतर के जवाब में सीएम ने एक वादा कर दिया। जैसे पेयजल की बढ़ती दरों का मुद्दा उठा तो सीएम ने पेयजल नियामक आयोग बनाने का ऐलान कर दिया। उद्योग प्रतिनिधियों ने बिजली कटौती का मुद्दा उठाया तो मुख्यमंत्री ने अप्रैल से 24 घंटे आपूर्ति का वादा किया।

मुख्यमंत्री ने देहरादून में मेट्रो के लिए अप्रैल तक कंसलटेंट नियुक्त करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा देहरादून को मेट्रो देने का उन्होंने वादा किया है, जो पूरा करना है। दून में बन रहे फ्लाईओवर मई माह तक पूरे होने की बात भी मुख्यमंत्री ने कही।

मंगलवार को बीजापुर गेस्ट हाउस में ‘राज्य बजट पर एक सुझाव-एक सवाल’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री से पूछा गया था कि पेयजल पर हर साल 15 प्रतिशत टैक्स बढ़ाने की बजाय सरकार कोई और रास्ता क्यों नहीं खोजती।

इस पर सीएम ने कहा प्रदेश में पानी का उपयोग कुछ लोग बहुत ज्यादा कर रहे हैं और कुछ लोग बहुत कम, लेकिन दरें और टैक्स सबके लिए बराबर है। जबकि, बिजली के मामले में ऐसा नहीं है। इन्हीं विसंगतियों को दूर करने के लिए उन्होंने पेयजल नियामक आयोग के गठन का ऐलान किया।

इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड के अध्यक्ष पंकज गुप्ता केसवाल पर मुख्यमंत्री ने ड्रॉप आउट बच्चों के स्किल डेवलपमेंट की योजना बनाने का निर्देश दिया। एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि स्टार्ट अप के लिए प्रदेश में परिषद का गठन किया जाएगा। पंकज गुप्ता ने आपदा के दौरान छोटे और मध्यम उद्योगों को हुए नुकसान का मुद्दा उठाया। इस पर सीएम ने कहा कि एमएसएमई सेक्टर में नए उद्योगों के लिए बीमा की व्यवस्था की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने जागर सम्राट प्रीतम भरतवाण से जागर महाविद्यालय की स्थापना के लिए काम करने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने अति पिछड़ा वर्ग के नौ से लेकर 12वीं तक के बच्चों के लिए प्रोत्साहन राशि का बजट प्रावधान करने का ऐलान किया। राज्य में व्यापक संभावनाओं के बावजूद फिल्म उद्योग में निवेश की कमी का मुद्दा उठा तो सीएम ने नई टिहरी या नैनीताल में फिल्म सिटी बनाने के लिए संभावना टटोलने का निर्देश अधिकारियों को दिया।

छात्रा प्रशस्ती का कहना था कि पर्वतीय क्षेत्रों में कोचिंग की व्यवस्था न होना भी पलायन की एक बड़ी वजह है। इस पर मुख्यमंत्री ने काशीपुर के नजदीक हेमपुर में कोचिंग हब बनाने का निर्देश दिया। फार्मा उद्योग के प्रतिनिधि ने ट्रांसपोर्ट सब्सिडी का मामला उठाया।

मुख्यमंत्री ने इस पर ट्रांसपोर्ट सब्सिडी और फार्मा के उत्पादों की निर्यात संभावना को बजट का हिस्सा बनाने का निर्देश दिया। बैठक में वित्त मंत्री इंदिरा हृदयेश, कृषि मंत्री हरक सिंह रावत, राजस्व मंत्री यशपाल आर्य, स्वास्थ्य मंत्री एसएस नेगी, वन मंत्री दिनेश अग्रवाल सहित आला अधिकारी मौजूद थे।

शिक्षा के लिए राज्य सरकार इस बार करीब 2200 करोड़ रुपये का प्रावधान करने जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा का बजट प्रदेश में लोक निर्माण विभाग से भी अधिक है। सरकार प्रदेश में सौ मॉडल स्कूल स्थापित करने जा रही है।

बजट पर बातचीत में जैविक खेती का भी मुद्दा उठा। प्रमुख सचिव कृषि रणवीर सिंह ने बताया कि जैविक खेती के लिए इस बार बजट में 36 करोड़ रुपये का प्रावधान किया जा रहा है।

विद्युत नियामक आयोग प्रदेश में उपभोक्ताओं की शिकायतों की सुनवाई के अलावा बिजली की दरें तय करता है। ऐसे में पेयजल नियामक आयोग का काम भी पेयजल में दरें तय करना और लोगों की शिकायतों का संज्ञान लेते हुए सरकार को निर्देशित करने का हो सकता है। मुख्यमंत्री हरीश रावत का कहना है कि पेयजल में दरों के निर्धारण के लिए कंसलटेटिव संस्था होनी चाहिए।