देहरादून।… नशे के खिलाफ जंग में युवाओं की भूमिका को सर्वाधिक महत्वपूर्ण बताते हुए मुख्यमंत्री हरीश रावत ने बुधवार को कहा कि इस लड़ाई में पुलिस के साथ ही छात्रों, अभिभावकों और शिक्षण संस्थाओं को भी अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी।

अस्थायी राजधानी देहरादून के पुलिस लाइंस में ‘से नो टू ड्रग्स’ अभियान के तहत आयोजित यूथ कॉन्क्लेव के मौके पर मोबाईल ऐप लांच करने और उपस्थित हजारों स्कूली छात्र-छात्राओं को ड्रग्स के खिलाफ जंग की शपथ दिलाने के बाद मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि इस जंग में युवाओं की भूमिका सर्वाधिक महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा, ‘यह लड़ाई केवल पुलिस की नहीं बल्कि हम सब की है। छात्र-छात्राओं, अभिभावकों, शिक्षण संस्थानों सभी को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। नशे की लत को अपने स्कूल, कॉलेज, मोहल्ले या आसपास न आने दें। जो साथी इस लत का शिकार हो चुके हैं आप उन्हें समझाएं।’

रावत ने कहा, ‘नशे के खिलाफ जंग में हमें हर हाल में जीतना होगा। अपने देश के लिए, अपने समाज के लिए, अपने आज के लिए और अपने कल के लिए।’ उन्होंने कहा कि उत्तराखंड पुलिस को ड्रग्स के खिलाफ लड़ाई को लगातार जारी रखने के निर्देश देते हुए कहा कि नशे के व्यापारियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाए और इसके प्रचार-प्रसार व जन जागरुकता के लिए लघु फिल्मों व कलाकारों का सहयोग लिया जाए।

इस मौके पर मुख्यमंत्री ने नशा छोड़ने में सफल रहे राहुल भारद्वाज को सम्मानित भी किया। पुलिस महानिदेशक बी. एस. सिद्धू ने बताया कि अप्रैल 2015 में मुख्यमंत्री द्वारा नशे के खिलाफ व्यापक अभियान चलाने के निर्देश देने के बाद पिछले दस माह में अकेले देहरादून जिले में 1.5 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की ड्रग्स जब्त की गई है, जबकि नशे के कारोबार में संलिप्त 288 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।