नेपाल की अंदरूनी समस्याओं को जल्द समाप्त करने का वादा करते हुए प्रधानमंत्री के.पी. ओली ने मंगलवार को कहा कि भारत दौरे से पहले मधेसियों की मांग का समाधान करने के लिए वह राजनीतिक समिति का गठन करेंगे।

संसद को संबोधित करते हुए ओली ने कहा कि संविधान ‘अपरिवर्तनीय दस्तावेज’ नहीं है। उन्होंने कहा, ‘वास्तविक आवश्यकता और राजनीतिक समिति के सुझावों के आधार पर संविधान संशोधन प्रस्ताव को आगे बढ़ाना जरूरी है।’ काठमांडू पोस्ट ने खबर दी है कि ओली ने कहा, मधेसियों की मांग के समाधान के लिए प्रस्तावित राजनीतिक समिति 19 फरवरी को उनके भारत दौरे पर जाने से पहले गठित होगी।’

उन्होंने कहा कि समिति संघीय राज्य की सीमा के निर्धारण पर तीन महीने के अंदर अपने सुझाव देगी, जिसके साथ ही नेपाल की अंदरूनी समस्या खत्म हो जाएगी।