हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल में 8 वर्षीय एक बच्ची की हाल में मौत हो गई थी। इस मामले में राष्ट्रीय डिवर्मिंग अभियान के दौरान दी गई दवा के दुष्प्रभाव से मौत होने की खबरों को खारिज करते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि निमोनिया की वजह से उसकी मौत हुई और दवा सुरक्षित तथा प्रभावकारी थी।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी (सीएमओ) द्वारा सौंपी गई रिपोर्ट में साफ तौर पर इस बात से इंकार किया गया है कि लड़की की मौत कृमि को मारने वाली दवा अलबेंडाजोल के दुष्प्रभाव के कारण हुई थी।

मंत्रालय ने एक वक्तव्य में कहा, ‘जिला सीएमओ की रिपोर्ट में साफ तौर पर इससे इंकार किया गया है। रिपोर्ट में दवा को सुरक्षित और प्रभावी बताया गया है।’