काठमांडू।… नेपाल के प्रधानमंत्री के.पी. शर्मा ओली ने सोमवार को कहा कि इस हफ्ते हो रही उनकी पहली भारत यात्रा का लक्ष्य ‘गलतफहमियों को दूर कर द्विपक्षीय संबंध को पटरी पर लाना है। उन्होंने नए संविधान को ‘समावेशी और लोकतांत्रिक’ करार देकर उसका बचाव किया, जबकि मधेसी उसके खिलाफ हैं।

उन्नीस फरवरी से शुरू हो रही अपनी आठ दिवसीय भारत यात्रा से पहले ओली ने कहा, ‘हमारे अपने पड़ोसी (भारत) के साथ संबंधों में कुछ गलतफहमियां हैं और हमें उन गलतफहमियों को दूर करना है। संबंधों को पटरी पर लाना है। उसके लिए मैं शीघ्र भारत जा रहा हूं।’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के न्यौते पर ओली की बहु-प्रत्याशित यात्रा तब हो रही है जब कुछ दिन पहले (भारतीय मूल के) मधेसियों ने अपना जबर्दस्त विरोध प्रदर्शन और नाकेबंदी खत्म कर ली। इन प्रदर्शनों और नाकेबंदी के चलते द्विपक्षीय संबंध में खटास आ गई थी।

ओली ने ‘नेपाल में लोकतांत्रिक परिवर्तन’ विषय पर इंटरनेशनल कांफ्रेंस ऑफ एशियन पोलिटिकल पार्टीज (आईसीएपीपी) की विशेष कार्यशाला में अपने संबोधन में कहा, ‘भारत की मेरी यात्रा का लक्ष्य निकट अतीत की असहज स्थिति को सामान्य बनाना तथा सालों पुराने रिश्ते को प्रोत्साहित करना भी है।’

उन्होंने कहा, ‘साल 2015 हमारे इतिहास में एक मील का पत्थर रहा है, क्योंकि हम देश की दक्षिण सीमा में पांच महीने की नाकेबंदी के कारण लोगों के सामने खड़ी हुई मुश्किलों के बावजूद नए संविधान की उद्घोषणा कर पाए।’

उन्होंने कहा, ’20 सितंबर, 2015 को उद्घोषित नया संविधान समावेशी और लोकतांत्रिक है क्योंकि उसमें मानवाधिकार, स्वतंत्र न्यायपालिका, सामाजिक न्याय और समानता की गारंटी सहित लोकतांत्रिक संविधान की सारी विशेषताएं हैं।’

ओली ने कहा कि संविधान पर संविधान सभा के 85 सदस्यों ने मुहर लगाई है। उधर, मधेसियों का कहना है कि नया संविधान देश को सात प्रांतों में विभाजित कर उन्हें हाशिए पर धकेल देता है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार कुछ संगठनों की कुछ विशेष मांगों व शिकायतों के मामले में सभी राजनीतिक दलों के साथ बातचीत, एकता और सहमति की नीति पर चल रही है।

उन्होंने कहा, ‘अब सरकार लोगों की बढ़ती आकांक्षाओं के अनुरूप देश में तीव्र सामाजिक एवं आर्थिक बदलाव पर ध्यान लगाएगी।’ उन्होंने कहा कि नेपाली जनता अब भी रोजमर्रा की जिंदगी में मुश्किलों के दौर से गुजर रही है और दक्षिणी सीमा पर आपूर्ति में हाल के व्यवधान के बाद के प्रभावों को झेलने में कुछ वक्त लग सकता है।

उन्होंने कहा कि चूंकि आपूर्ति व्यवस्था पहले ही बहाल हो चुकी है, ऐसे में सामान्य स्थिति शीघ्र ही बनेगी तथा सरकार विकास एवं पुनर्निर्माण कार्य पर और ध्यान लगाएगी।

ओली ने कहा कि निकट भविष्य में हमारे अपने मित्रों के साथ द्विपक्षीय संबंध को गहरा बनाने तथा फलदायी आर्थिक सहयोग को बढ़ाने के लिए चीन की यात्रा करेंगे, ताकि हम अपने लाभ के लिए अपने प्राकृतिक एवं मानव संसाधनों का उपयोग कर सकें।

उन्होंने कहा, ‘नेपाल सभी दोस्ताना संबंध वाले देशों के साथ मित्रता और सहयोग के सर्वश्रेष्ठ हितों की नीति पर चलता है और समीप के पड़ोसियों पर विशेष बल देता है।’ उन्होंने कहा, ‘इसी सिलसिले में मैं शीघ्र ही भारत और चीन की यात्रा कर रहा हूं। पनबिजली, पर्यटन और कृषि कुछ ऐसे संभावित क्षेत्र हैं जिनका नेपाल के आर्थिक विकास को बढ़ावा देते हुए परस्पर लाभ के लिए उपयोग किया जा सकता है।’

प्रधानमंत्री ने कहा कि नेपाल को भूकंप के वक्त पड़ोसी देशों से जो सहयोग और मदद मिली थी, वह भविष्य में भी जारी रहेगी।