उत्तराखंड में मिशन 2017 को देखते हुए कांग्रेस और बीजेपी में जमीनी जंग तो होगी ही, इससे पहले ही जुबानी जंग भी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री हरीश रावत ने बीजेपी के ‘हम सबके और सब हमारे’ नारे को उसके पुराने पापों का प्रायश्चित करार दिया है। वहीं, सीएम रावत ने नेशनल थर्मल पावर कॉरपोरेशन की बिजली दरें बढ़ाने को भी गलत ठहराया है।

मुख्यमंत्री रावत ने चुटकीले अंदाज में कहा ‘मैं तो मुख्यमंत्री खुशनसीब हूं क्योंकि भले ही विपक्ष बाहर मेरा विरोध करे, लेकिन कमरे के अंदर वो भी सहयोग करते हैं।’ मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि आगामी बजट तो नहीं, लेकिन उसके बाद एक सत्र गैरसैंण में आयोजित किया जाएगा।

आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने नया नारा दिया है कि ‘हम सबके सब हमारे’ जिसे मुख्यमंत्री हरीश रावत ने बीजेपी के पुराने पापों को प्रायश्चित करार दिया है।

सीएम हरीश रावत ने कहा, भारतीय जनता पार्टी के नेता हमेशा समाज को बांटने का काम करते रहे हैं। मुख्यमंत्री ने चुटकीले अंदाज में कहा कि ये अच्छी बात है कि बीजेपी अपने पापों को भुलाने के लिए सबको साथ लेने की बात कह रही है।

हरीश रावत ने नेशनल थर्मल पॉवर कॉरपोरेशन की बिजली दरें बढ़ाने को गलत ठहराया है। उनका कहना है कि केंद्र सरकार ने एनटीपीसी की बिजली दरें तिगुनी कर दी हैं। सीएम ने राज्य सरकार को केंद्र द्वारा दी जा रही बिजली दरों को बढ़ाने संबंधी प्रस्ताव को वापस लेने को कहा है।

सीएम का कहना है कि अगर राज्य को बिजली महंगी मिलेगी तो उसका भार उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि इसलिए हमने केंद्र से एनटीपीसी की बिजली दरें नहीं बढ़ाने का अनुरोध किया है।

हरीश रावत का कहना है कि सरकार और कांग्रेस संगठन में कॉर्डिनेशन की कमी नहीं है। उनका कहना है कि सरकार और संगठन में सब अपनी-अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। सीएम ने कहा कि दिल्ली बैठक में एकजुटता के साथ आगे बढ़ने की बात हुई।

उनका कहना है कि मौसम के मद्देनजर गैरसैंण में व्यवस्थाओं में थोड़ी दिक्कत आएगी। इसलिए सरकार बजट सत्र के दौरान होने वाले अहम कार्य की वजह से इसे देहरादून विधानसभा में कराएगी। रावत ने बीजापुर गेस्ट हाउस में मीडिया से कहा कि अगला सत्र गैरसैंण में आहूत होगा।