हज पर जाने वाले मुस्लिम युवक से पासपोर्ट के स्पेशल फीचर के बदले घूस मांगने वाले सुप्रीटेंडेंट पासपोर्ट ऑफिसर केपी सिंह को सीबीआई ने गिरफ्तार कर लिया है। पासपोर्ट विभाग के देहरादून दफ्तर में तैनात सुप्रीटेंडेंट पासपोर्ट अफसर केपी सिंह ने युवक से 10 हजार रुपये में काम का सौदा तय किया था, जिसके लिए उसने सोमवार को आठ हजार रुपये लिए।

रुड़की निवासी मुर्सलीन अहमद को हज पर जाना था। उसने इसके लिए पासपोर्ट का आवेदन किया था। इस दौरान उसकी मुलाकात पासपोर्ट दफ्तर में तैनात सुप्रीटेंडेंट पासपोर्ट अफसर केपी सिंह से हो गई।

केपी सिंह ने उसे बताया की हज पर जाने के लिए स्पेशल फीचर (ईसीएनआर-इमीग्रेशन चेक नॉट रिक्वायर्ड) वाले पासपोर्ट से काफी से सहुलियत मिलेगी। यानी अगर उसके पासपोर्ट पर एसीएनआर की मोहर लगी होगी तो उसे दूसरे देश में बार-बार सरकारी जांच से नहीं गुजरना होगा। केपी सिंह ने बताया कि सामान्य तौर पर इस फीचर का पासपोर्ट काफी पढ़े लिखे लोगों को जारी किया जाता है।

सुप्रीटेंडेंट पासपोर्ट अफसर केपी सिंह ने मुर्सलीन को बताया कि अगर वह 10 हजार रुपये देगा तो उसे उस फीचर का पासपोर्ट बिना किसी जांच पड़ताल के मिल जाएगा फिर काम के पहले आठ तथा उसके बाद 2 हजार रुपये में सौदा तय हो गया।

उसके बाद मुर्सलीन ने इसकी शिकायत डीएसपी सीबीआई अखिल कौशिक से की। अखिल कौशिक ने प्रथमिक जांच में मामले को सही पाते हुए टीम बनाकर छापेमारी के लिए भेजा। सोमवार को सीबीआई की टीम ने आठ हजार रुपये घूस लेते हुए सुप्रीटेंडेंट पासपोर्ट अफसर केपी सिंह को उसी के दफ्तर में रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।