बागेश्वर के जंगल एक बार फिर आग की चपेट में आ गए हैं। कांडा, पगना सहित कई जंगलों में रविवार को आग धधक गई। हालात यह हैं कि फायर सीजन शुरू होने से पहले ही आग से वनों में लाखों की वन्य संपदा खाक हो चुकी है।

बता दें कि बागेश्वर में अधिकांश वन चीड़ के हैं और चीड़ के पेड़ों में आग तेजी से फैलती है।

इन जंगलों में लोग घास के लिए आग लगा देते हैं। वनों को आग से बचाने के लिए फरवरी माह से वन विभाग पहल शुरू करता है। लेकिन इस साल बारिश नहीं होने से जनवरी माह से ही कई जंगल आग की चपेट में आ गए।

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अब तक बागेश्वर सहित गरुड़, कांडा क्षेत्र के चीड़ के अधिकांश वनों में आग लग चुकी है।

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चार दिन पहले बारिश होने के बाद वनों की आग बुझ गई थी। इससे वन विभाग ने भी राहत की सांस ली। परंतु एक बार फिर जंगलों में आग लगने का सिलसिला शुरू हो गया है।

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रविवार को कांडा और पगना क्षेत्र के जंगलों से दिन भर लपटें व धुंआ उठता रहा। जंगलों में आग लगने से पर्यावरण को काफी नुकसान पहुंच रहा है।