पड़ोसी देश बांग्‍लादेश में खेले गए अंडर-19 विश्वकप के फाइनल मुकाबले में रविवार को वेस्टइंडीज ने टीम इंडिया को हराकर पहली बार विश्वकप अपने नाम किया। इस तरह से भारत का रिकॉर्ड चौथी बार विश्वकप जीतना का सपना टूट गया।

उत्तराखंड के लोगों की खास निगाहें भारत के ओपनिंग बल्लेबाज रुड़की के ऋषभ पंत पर थी। लेकिन ऋषभ ओपनिंग में कुछ खास नहीं कर पाए और सिर्फ 1 रन बनाकर आउट हो गए, जिससे प्रदेशवासियों और रुड़की क्षेत्र के लोगों को निराशा हाथ लगी है। इससे पहले सेमीफाइनल मुकाबले में भी ऋषभ का बल्ला नहीं चला था और उन्होंने केवल 14 रन बनाए थे।

ऋषभ पंत के पिताजी राजेंद्र पंत का कहना है कि क्रिकेट अनिश्चिताओं का खेल है। हर बल्लेबाज हमेशा नहीं चलता, लेकिन टीम इंडिया विश्वकप का फाइनल मैच जीत जाए ये सबसे बड़ी बात है, लेकिन ऐसा भी नहीं हुआ।

मैच के दौरान ही ऋषभ पंत की मां का कहना था कि ऋषभ ने देश और प्रदेशवासियों को निराश जरूर किया है, लेकिन भारत अंडर 19 का विश्वकप जीतेगा। टीम इंडिया ने इस मां की उम्मीदें भी तोड़ दीं

बता दें कि शेर-ए-बांग्ला नेशनल स्टेडियम में खेले गए आईसीसी अंडर-19 विश्व कप के फाइनल मैच में भारत ने वेस्टइंडीज के सामने 146 रनों का लक्ष्य रखा था, जिसे वेस्टइंडीज ने 5 विकेट खोकर हासिल कर लिया।

टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने 45.1 ओवरों में 145 रन बनाए। भारत की ओर से सरफराज खान ने सबसे अधिक 51 रन बनाए, जबकि राहुल बाथम ने 21 रनों का योगदान दिया। वेस्टइंडीज की ओर 52 रन बनाकर टीम को जीत दिलाने वाले केसी कार्टी को मैन ऑफ द मैच चुना गया।