लंबे इंतजार के बाद अखिरकार देहरादून जिले में ‘पहाड़ों की रानी’ मसूरी और टिहरी जिले के पर्यटन स्थल धनौल्टी में बर्फबारी हो गई। शनिवार को दोपहर बाद मसूरी के लाल टिब्बा और हाथी पांव में बर्फबारी हुई।

धनौल्टी में लंबे इंतजार के बाद हुई बर्फबारी से चंबा-मसूरी फलपट्टी के सेब उत्पादकों के चेहरों में कुछ रौनक लौट आयी है। बारिश के समय पर नहीं होने से चौपट हुई गेहूं, जौ, मसूर आदि फसलों को अब कुछ लाभ नहीं मिल पाएगा। बर्फबारी होने से बुरांशखंडा के पास दो-तीन वाहन फंसने से चंबा-मसूरी मोटर मार्ग शनिवार शाम चार बजे बंद हो गया।

चंबा-मसूरी फलपट्टी और हेंवलघाटी क्षेत्र में बड़ी मात्रा में जौ, मसूर, गेहूं आदि फसलों का उत्पादन किया जाता है। लेकिन इस बार समय पर बारिश न होने के कारण 50 फीसदी से अधिक फसल सूखे के कारण चौपट हो गई। जनवरी माह में मामूली बारिश होने के बाद अब फरवरी माह के दूसरे सप्ताह तक 7.8 एमएम बारिश ही दर्ज की गई है।

ऐसे में विशेषज्ञों का कहना है कि देर से हुई इस बारिश से फसलों को कुछ फायदा नहीं मिल पाएगा। चंबा-मसूरी फलपट्टी में धनौल्टी और काणाताल में बर्फबारी के कारण सेब उत्पादकों को जरूर कुछ राहत मिल सकती है। सेब की अच्छी पैदावार के लिए दो माह तक चार डिग्री से कम तापमान की जरूरत होती है।

पर्यावरणविद् विजय जड़धारी का कहना है कि देर से हुई बारिश से फसलों को कुछ खास फायदा नहीं मिल पाएगा। बर्फबारी से सेब और बागवानी को राहत मिलने की उम्मीद है। उद्यान विभाग निरीक्षक डीएस नेगी का कहना है कि बर्फ रहती है तो सेब की फसल को फायदा मिल सकता है।

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बर्फबारी की सूचना मिलने पर देहरादून, टिहरी और आस-पास के सैलानियों से धनौल्टी और काणाताल क्षेत्र गुलजार हो गया। दोपहर से शुरू हुई बर्फबारी शाम तक जारी रही।

जिससे स्थानीय लोगों और पर्यटकों ने बर्फ का खूब लुत्फ उठाया। ईको पार्क धनौल्टी में भी सैलानियों ने खूब चहलकदमी की। मसूरी मार्ग बंद होने से कई पर्यटकों को धनौल्टी में ही रुकना पड़ा।

चमोली जिले के जोशीमठ में मौसम ने शनिवार को फिर करवट बदली। जिले के निचले क्षेत्रों में जहां दिनभर आसमान में बादल छाए रहे, वहीं, बद्रीनाथ, हेमकुंड साहिब, रूद्रनाथ, गोरसौं बुग्याल, लाल माटी, औली के साथ ही ऊंचाई वाले स्थानों में जमकर बर्फबारी हुई। तड़के करीब एक घंटे तक ऊपरी क्षेत्रों में बर्फबारी हुई।

दोपहर तक बर्फबारी थमी रही, लेकिन दोपहर दो बजे के बाद फिर बर्फबारी शुरू हुई। देर सांय तक भी ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी जारी रही। औली में भी दोपहर बाद बर्फबारी हुई। औली में आगामी 20 फरवरी से राष्ट्रीय स्कीइंग चैंपियनशिप का आयोजन भी होना है। जो पूरी तरह से मौसम पर निर्भर रहेगी।

यदि 15 से 20 फरवरी के बीच एक बार फिर बर्फबारी होती है तो तभी चैंपिनशिप का आयोजना हो सकेगा। जिलाधिकारी विनोद कुमार सुमन ने भी माना कि चैंपियनशिप का आयोजन बर्फबारी पर निर्भर रहेगा।