धारवाड।… लांसनायक हनुमनथप्पा कोप्पड का पूरे राजकीय सम्मान के साथ हजारों लोगों की मौजूदगी में शुक्रवार को उत्तरी कर्नाटक के धारवाड़ जिले में उनके पैतृक गांव बेतादुर में अंतिम संस्कार कर दिया गया।

हनुमनथप्पा अमर रहे के गूंज रहे नारों के बीच ग्राम पंचायत कार्यालय से लगी जमीन पर गांव और आसपास के इलाकों के हजारों लोगों की मौजूदगी में उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान बच्चे-बूढ़े सभी उम्र के लोग मौजूद थे। अंतिम संस्कार लिंगायत समुदाय की परंपरा के मुताबिक हुआ।

हनुमनथप्पा की पत्नी, मां और दो वर्षीय बेटी ने सैकड़ों लोगों की मौजूदगी में नम आंखों के साथ बेतादुर के हाई स्कूल मैदान में उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि दी।

हर तरफ से हनुमनथप्पा के परिवार को ढाढ़स बंधाया जा रहा था। एक वक्त ऐसा आया जब उनकी पत्नी महादेवी अचेत हो गईं और उनके परिवार के सदस्यों, सेना और पुलिसकर्मियों ने उन्हें सांत्वना दी।

हनुमनथप्पा के निधन की सूचना से उम्मीदों और दुआओं के दौर के थमने के बाद गांव में उदासी का माहौल व्याप्त हो गया। बेतादुर के निवासी हनुमनथप्पा 13 साल पहले सेना में शामिल हुए थे।