सांकेतिक तस्वीर

उत्तराखंड में खाकी एक बार फिर शर्मसार हुई है। हरिद्वार पुलिस के एक कांस्टेबल पर बीस वर्षीय युवती ने पिछले चार साल से रेप करने का आरोप लगाया है। पुलिस के उच्चाधिकारियों ने जब युवती की गुहार नहीं सुनी तब कोर्ट की फटकार के बाद कांस्टेबल के खिलाफ ज्वालापुर पुलिस को रेप का मुकदमा दर्ज करना ही पड़ा। कांस्टेबल पर रेप के मुकदमे से पुलिस महकमे में हडकंप मच गया है।

पीड़ित युवती ज्वालापुर क्षेत्र की रहने वाली है। कोर्ट को दिए प्रार्थना पत्र में युवती ने बताया कि वो अनपढ़ है और कोतवाली रानीपुर में तैनात कांस्टेबल रणवीर से उसकी जान-पहचान चार साल पहले हुई थी।

आरोप है कि शादी का झांसा देकर कांस्टेबल उसे शिवमूर्ति चौक, सिडकुल एवं पिरान कलियर के अलग-अलग होटल में ले जाता रहा। फिर चाय में नशीला पदार्थ मिलाकर उसे बेहोश कर रेप करता रहा।

आरोप है कि जब भी वह शादी का दबाव बनाती, तब कांस्टेबल उसे गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी देता था। युवती ने बताया कि पिछले साल 29 सितंबर को उसे पिरान कलियर के एक होटल में लेकर गया, तब भी उसने उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए।

आरोप है कि जब शादी करने की बात कही, तब उसके साथ मारपीट की। यही नहीं उसे जान से मारने की धमकी देकर कांस्टेबल चला गया। आरोप है कि तब से उसे मोबाइल फोन पर धमकाया जा रहा था।

शुक्रवार को कोर्ट के आदेश पर ज्वालापुर पुलिस ने रेप का मुकदमा दर्ज कर ही लिया। कोतवाली प्रभारी धीरेंद्र सिंह रावत ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

दरअसल पूरा पुलिस महकमा कांस्टेबल को बचाने में ही लगा हुआ है। क्योंकि, युवती ने तीन अक्टूबर को डीजीपी से लेकर एसएसपी को शिकायत की थी, लेकिन उसकी शिकायत की कहीं सुनवाई नहीं हुई। जब पुलिस ने उसकी फरियाद नहीं सुनी तब युवती ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।