उत्तराखंड में नैनीताल जिले के हल्द्वानी में स्वाइन फ्लू से एक महिला की मौत के बाद कुमाऊं में स्वास्थ्य महकमा हरकत में आ गया है। नैनीताल के बीडी पांडे जिला अस्पताल में दस बेड का आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है। संबंधित दवाइयां भी उपलब्ध करा दी गई हैं।

पीएमएस डॉ. तारा आर्या ने डॉक्टरों को जरूरी दिशा-निर्देश भी दिए हैं। दूसरी ओर, ऊधमसिंहनगर में भी जिला अस्पताल में आइसोलेशन वार्ड तैयार करने के साथ दवाओं का भी इंतजाम कर लिया गया है। फिलहाल अस्पताल में स्वाइन फ्लू का कोई संदिग्ध मरीज नहीं पहुंचा है।

पीएमएस डॉ. तारा आर्या के मुताबिक वार्ड में सभी जरूरी सुविधाएं मुहैया करा दी गई हैं, जिससे स्वाइन फ्लू से प्रभावित मरीज को भर्ती कराने में कोई परेशानी न हो। कहा कि फिजिशियन डॉ. एमएस दुग्ताल, डॉ. राजेश शाह और डॉ. विजय पवार को भी आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।

अगर किसी मरीज में स्वाइन फ्लू के लक्षण मिले तो तत्काल इलाज शुरू कर दें। आयुष विंग के वरिष्ठ चिकित्साधिकारी डॉ. आरपी पांडे ने बताया स्वाइन फ्लू से प्रभावित मरीज के लिए प्रारंभिक तौर पर दी जाने वाली काल मेघादि क्वाथ दवा विंग में पहुंच चुकी है।

यह दवा तुलसी, सप्तपर्ण, नीमपत्र, अडूसा, गिलोय, मुलेठी व कालमेघ जड़ी-बुटियों का मिश्रण है। पांडे के मुताबिक एक चम्मच दवा को एक गिलास पानी में उबाल लेने के बाद जब उसका एक चौथाई भाग बच जाए तो उसे छानकर मरीज को उसका सेवन करना चाहिए।

स्वाइन फ्लू से महिला की मौत के बाद स्वास्थ्य महकमा हरकत में आ गया है। सीएमओ ने स्वाइन फ्लू के केस मिलने पर पूरा विवरण सीएमओ कार्यालय में देने के निर्देश दिए हैं। जबकि स्वास्थ्य महानिदेशालय को 15 सौ टेमीफ्लू की टैबलेट और कैप्सूल एवं 50 पर्सनल प्रोटेक्शन इक्यूपमेंट की डिमांड भेजी गई है।

हीरानगर निवासी 62 वर्षीय महिला को सांस लेने में दिक्कत में होने पर निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मंगलवार सुबह महिला की मौत हो गई थी। महिला की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अन्य परिजनों के सैंपल दिल्ली भेज दिए हैं। दिल्ली से तीन दिन में रिपोर्ट आने की संभावना है।

दूसरी ओर टेमीफ्लू की 15 सौ टैबलेट और कैप्सूल की डिमांड स्वास्थ्य महानिदेशालय को भेजी है। जबकि 50 पर्सनल प्रोटेक्शन इक्यूपमेंट किट भी मंगाई गई हैं।

दूसरी ओर सीएमओ डॉ. एलएम उप्रेती ने स्वाइन फ्लू का कोई भी संदिग्ध या पाजिटिव केस मिलने पर पूरा विवरण कार्यालय में देने के निर्देश मातहतों को दिए हैं। डॉ. उप्रेती ने निजी अस्पतालों से अपील की है कि स्वाइन फ्लू के संदिग्ध मामले आने पर पूरा जानकारी तत्काल मुहैया कराएं।

ये सावधानियां बरतें

  • जुकाम या खांसी होने पर दूसरों से हाथ न मिलाएं।
  • मुंह पर कपड़ा लगाकर छीकें।
  • बाहर से आने पर साबुन से हाथ जरूर धोएं।
  • इधर-उधर बलगम न थूकें और जुकाम होने पर घर से बाहर कम निकलें।
  • संदिग्ध होने पर मरीज के साथ रहने वाले तीमारदार मास्क पहनें।
  • सार्वजनिक स्थानों पर जाने से बचें।