सोमवती अमावस्या के मौके पर सोमवार 8 फरवरी को गंगा स्नान के दौरान हरिद्वार की अपार भीड़ मे अपनों से बिछुड़ गईं मध्य प्रदेश निवासी 65 वर्षीया रूपरानी को गुरुवार को उत्तराखंड पुलिस ने सुरक्षित उनके घर पहुंचा दिया।

देहरादून में राज्य पुलिस मुख्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, सागर जिले की निवासी रूपरानी अपने गांव धर्मश्री के कुछ लोगों के साथ गत आठ फरवरी को सोमवती अमावस्या पर हरिद्वार में गंगा स्नान के लिए आई थीं। इस दौरान वह विष्णु घाट पर उनसे बिछुडं गईं।

भीड़ में बिछुड़ने वालों की सहायता के लिए हरिद्वार में स्थापित पुलिस के ‘खोया-पाया’ केन्द्र के अधिकारियों और कर्मचारियों ने सैकड़ों बार लाउड स्पीकर के माध्यम से उक्त वृद्धा के बारे में घोषणा की, लेकिन इसके बावजूद उन्हें कोई लेने नहीं आया।

पुलिस ने सोमवती अमावस्या स्नान के दौरान गुम हुए सभी लोगों को उनके परिजनों से मिलवा दिया, लेकिन रूपरानी के मामले मे उनके सभी प्रयास व्यर्थ सिद्ध हुए, जिसके बाद खोया-पाया केन्द्र की प्रभारी उपनिरीक्षक गुरूप्रीत राणा ने इसके विषय में अर्ध्दकुंभ मेला के पुलिस महानिरीक्षक जीएस मर्तोलिया सहित उच्चाधिकारियों को बताया।

उच्चाधिकारियों ने वृद्धा को उनके घर वापस पहुंचाए जाने का निर्णय लेते हुए इसकी जिम्मेदारी कांस्टेबल प्रदीप कुमार को दी। प्रदीप कुमार रूपरानी को लेकर बुधवार सुबह हरिद्वार रेलवे स्टेशन से उत्कल एक्सप्रेस से सागर, मध्य प्रदेश के लिए रवाना हुए। इसी बीच गुरप्रीत ने सागर के पुलिस उपाधीक्षक श्री. वीके सिंह को इस बाबत फोन से विस्तार से जानकारी दे दी जिन्होंने वृद्धा के परिजनों को सूचित कर दिया।

प्रदीप कुमार गुरुवार को जब रूपरानी को लेकर सागर रेलवे स्टेशन पर उतरे तो वहां उन्हें लेने के लिए मध्य प्रदेश पुलिस की टीम एवं वृद्धा का पोता रवि अन्य परिवारजनों सहित मौजूद मिला। रूपरानी एवं उनके परिजनों ने प्रदीप को धन्यवाद देते हुए उत्तराखंड पुलिस के इस मानवीय प्रयास की मुक्त कंठ से प्रशंसा की।