काठमांडू।… नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री सुशील कोइराला का बुधवार को राजधानी काठमांडू में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए। पिछले साल देश के नए संविधान की रचना में अहम भूमिका निभाने वाले कोइराला का मंगलवार को निधन हो गया था।

नेपाल पुलिस की एक टुकड़ी ने पार्थिव देह को मुखाग्नि दिए जाने के दौरान गार्ड ऑफ ऑनर दिया। नेपाली सेना के जवानों ने भी सम्मान में 13 तोपों की सलामी दी। कोइराला की पार्थिव देह को अंतिम दर्शन के लिए दशरथ स्टेडियम में रखा गया था। बाद में इसे अंतिम संस्कार के लिए आर्यघाट लाया गया।

पूर्व प्रधानमंत्री को श्रद्धांजलि देने के लिए नेपाली कांग्रेस के हजारों समर्थक और आम लोग इकट्ठा हुए। अंतिम संस्कार के समय प्रधानमंत्री के.पी. शर्मा ओली, नेपाली कांग्रेस के कार्यवाहक अध्यक्ष रामचंद्र पौडेल, वरिष्ठ नेता शेर बहादुर देउबा, स्पीकर ओ.जी. मागर, पूर्व प्रधानमंत्री माधव कुमार नेपाल, झालानाथ खनल, प्रचंड के साथ अन्य दलों के नेता भी उपस्थित थे।

sushil-koirala-nepal-funeral-Sushma
भारतीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के नेतृत्व में एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल ने मगलवार को काठमांडू में कोइराला को श्रद्धांजलि दी और कहा कि भारत ने एक ‘सच्चे मित्र’ को खो दिया है। उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल में कांग्रेस नेता आनंद शर्मा, जेडीयू अध्यक्ष शरद यादव, माकपा महासचिव सीताराम येचुरी और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल शामिल रहे।

Sushil-Koirala-funeral1

79 वर्षीय कोइराला निमोनिया से पीड़ित थे और मंगलवार तड़के दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया। कोइराला फरवरी, 2014 से अक्तूबर, 2015 तक नेपाल के 37वें प्रधानमंत्री रहे। उन्हें सितंबर, 2010 में नेपाली कांग्रेस का अध्यक्ष चुना गया था। नेपाल सरकार ने कोइराला के निधन पर बुधवार को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया था।