देहरादून।… उत्तराखंड के प्राकृतिक संसाधनों और जमीनों के खुले खेल का आरोप लगाते हुए आम आदमी पार्टी (आप) के वरिष्ठ नेता अनूप नौटियाल ने बुधवार को राज्य सरकार से पिछले 15 सालों में एक एकड़ से अधिक के जमीन आवंटनों और लीज पर एक श्वेत पत्र जारी करने की मांग की।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत को लिखे एक पत्र में नौटियाल ने कहा कि राज्य के प्राकृतिक संसाधनों और जमीनों को लेकर खेला जा रहा खेल राज्य में सबसे बड़े विवाद का विषय बन गया है। उन्होंने कहा, हमारी मांग है कि राज्य सरकार एक जनवरी, 2001 से 31 दिसंबर, 2015 तक एक एकड़ से अधिक के जमीन आवंटनों और लीज पर एक श्वेत पत्र जारी करे।

नौटियाल ने इसके लिए सरकार को इस साल 31 मार्च तक की समयसीमा दी है। आप नेता ने आरोप लगाया कि कंपनियों को राज्य सरकार संदिग्ध और अपारदर्शी तरीकों से राज्य की जनता के हितों को दरकिनार करते हुए जमीन आंवटित कर रही है और राज्य की मूल्यवान जमीनों की ऐसी सौदेबाजी से जनता में सरकार के रवैये को लेकर भारी असंतोष है।

नौटियाल ने कहा कि अस्थायी राजधानी देहरादून स्मार्ट सिटी में एम्मार एमजीएफ, अल्मोडा के नैनीसार में जिंदल स्कूल, देहरादून पुराने बस अड्डे में जीटीएम बिल्डर्स आदि ऐसे कई उदाहरण हैं, जहां समस्त लेनदेन अपारदर्शी तरीके से किए जाने के आरोप लग रहे हैं। सरकार ने इन सभी मसलों पर चुप्पी साध रखी है। राज्य में पूर्व की सरकारों ने भी दुर्भाग्यवश जमीनों की बंदरबाट में अपना अहम योगदान दिया है।

उन्होंने कहा कि इस श्वेत पत्र में जमीन आवंटन पाने वाले संस्थान का नाम, उस राजनेता, अधिकारी, उद्योगपति का नाम जिनकी सिफारिश पर जमीन आवंटित की गई, जमीन आवंटन का विस्तृत स्थान, जमीन का क्षेत्रफल, जमीन आवंटन की तिथि, जमीन आवंटन का उद्देश्य और जमीन का वर्तमान में स्वामित्व व कार्य की वास्तविकता आदि समस्त जानकारियां दी जानी चाहिए।