मुख्यमंत्री हरीश रावत की नाराजगी का असर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी में देखने को मिला। मंगलवार को रुद्रपुर में मंच पर आते ही उन्होंने कई पदाधिकारियों को नीचे उतार दिया। पदाधिकारियों के नीचे न उतरने पर उन्होंने वहां से जाने तक की धमकी दे डाली।

हुआ यूं कि मुख्यमंत्री हरीश रावत मंगलवार जब कार्यक्रम में पहुंचे तो उस समय सड़क बीजेपी के झंडों से पटी थी और कार्यक्रम में अधिकतर बीजेपी नेता और कार्यकर्ता पहुंचे थे। सभी ने गेरूए रंग का मफलर डाला हुआ था। पहले तो मुख्यमंत्री अपने अंदाज में 10 मिनट सभी से मिले। उसके बाद कार्यक्रम स्थल में बने प्रतीक्षालय में केंद्रीय मंत्री का इंतजार करने लगे।

इसी समय बीजेपी के दूसरे पंक्ति के नेताओं ने सरकार और मुख्यमंत्री पर आरोप मढ़ना शुरू कर दिया। इससे गुस्साए मुख्यमंत्री हरीश रावत वहां से निकल गए और पंतनगर एयरपोर्ट जा पहुंचे। वहां वे केंद्रीय मंत्री गडकरी की प्रतीक्षा करने लगे। जैसे ही गडकरी का विमान लखनऊ से पंतनगर पहुंचा, वहां सीएम रावत ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का स्वागत किया और ज्ञापन सौंपा।

इस पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने सीएम से पूछ लिया कि आप कार्यक्रम में नहीं आ रहे हैं क्या, जिस पर मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि मैं वहां गया था। वहां सब आपका रंग ही दिख रहा है। सरकारी कार्यक्रम का भाजपाईकरण हो गया है, फिर भी देखता हूं। इतना कहकर दोनों का काफिला पुलिस लाइन गेट तक तो साथ आया। वहां से मुख्यमंत्री देहरादून के लिए चले गए और केंद्रीय मंत्री गडकरी सीधे कार्यक्रम स्थल में पहुंच गए। जैसे ही नितिन गडकरी मंच पर चढ़े तो वहां पहले से कई राज्य स्तरीय नेता मौजूद थे।

केंद्रीय मंत्री ने उन्हें मंच खाली करने को कहा, लेकिन कई राज्य स्तरीय नेता बेशर्म बने रहे और मंच पर ही डटे रहे। तीन बार जब केंद्रीय मंत्री गडकरी ने उनसे पीछे मुड़-मुड़कर जाने को कहा, तब भी वे नहीं गए। इस पर केंद्रीय मंत्री गडकरी को गुस्सा आ गया बोले तुम नीचे उतर रहे हो या मैं चला जाऊं। इस पर प्रदेश के कई बड़े नेता मंच से उतर गए। लेकिन कुछ नेता फिर भी बैठे रहे।