देवभूमि उत्तराखंड में हर खुशी और दुख के मौके पर अपने ईष्ट देवता का आह्वान करते हुए जागर का आयोजन किया जाता है। ईष्ट देवता को अपनी खुशी और दुख से अवगत कराकर उनका आशीर्वाद लेने की यहां परंपरा है। पहाड़ों के बीच बसे गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने को लेकर भी उत्तराखंड के जनमानस में भरपूर अपेक्षाएं हैं। तमाम सरकारों और नेताओं ने आज तक निराश ही किया है, तो अब भगवान की शरण में जाने के अलावा कोई रास्ता सूझ नहीं रहा है।

अल्मोड़ा जिले में चौखुटिया के दिशा कान्वेंट स्कूल के वर्सिकोत्सव में देवताओ का आह्वान कर चन्द्रनगर गैरसैंण को राजधानी बनाने के लिए नन्हें-मुन्हे बच्चों ने जागर का आयोजन किया। बच्चों ने इस जागर के माध्यम से जहां एक ओर गैरसैंण को राजधानी बनाने के उत्तराखंड जनमानस की भावनाओं को सामने रखा, वहीं लोगों का खूब मनोरंजन भी किया।

उत्तराखंड के एक जागरुक नागरिक हेम पंत ने बच्चों की इस जागर को अपने फेसबुक वॉल पर शेयर किया है। तो आप बच्चों की जागर का लुत्फ लें…

दिशा कान्वेंट स्कूल चौखुटिया के वर्सिकोत्सव में देवताओ का आह्वाहन कर चन्द्रनगर गैरसैण को राजधानी बनाने के के लिए नन्हे मुन्हों ने लगाई जागर।

Posted by Pushpesh Tripathi on Tuesday, February 9, 2016