कमीशनखोरी और भ्रष्टाचार तो जैसे हमारे खून में रम गया है। अब तो लगता है कोई भी काम बिना कमीशखोरी और भ्रष्टाचार के हो ही नहीं सकता। इसी कमीशनखोरी और भ्रष्टाचार के एक मामला सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण उत्तरकाशी में सामने आया है। यहां 18 लाख रुपये की लागत से बन रहा एक पुल उद्घाटन से पहले ही गिर गया।

उत्तरकाशी की अस्सी गंगा घाटी के गजोली के लिए अक्टूबर 2015 में 18 मीटर स्पान का पैदल पुल स्वीकृत हुआ था। नवंबर 2015 में इसका टेंडर गजोली निवासी प्रेम सिंह चौहान के नाम पर जारी हुआ। प्रेम सिंह चौहान ने भी पुल बनाने का ठेका किसी और को दे दिया।

कमीशन के इस खेल के बीच फरवरी 2016 के पहले हफ्ते में पुल बनकर तैयार भी हो गया था, लेकिन भ्रष्ट इंजीनियरों और ठेकेदारों के गठजोड का कारनामा देखिए, जनवरी के अंतिम हफ्ते में जैसे ही इस पुल की सेटरिंग खोली जा रही थी, तो 18 लाख की लागत से बन रहा यह पुल बीच से झुक गया।

इसके बाद ठेकेदार से लेकर इंजीनियरों तक में हडकंप मच गया। विभाग ने अपनी गर्दन बचाने के लिए 31 जनवरी को ठेकेदार को एक नोटिस भी जारी कर दिया। इसके बाद भी विभाग को उम्मीद थी कि पुल बच जाएगा, इसीलिए पूरी स्टरिंग नहीं खोली गई थी। फरवरी के पहले हफ्ते में जैसी ही पुल की बची हुई सेटरिंग खोली गई, कुछ ही मिनटों में पुल भरभराकर ढह गया।

शनिवार को विभागीय अधिकारियों को यह जानकारी मिल गई थी कि पुल टूट चुका है, लेकिन इस बात को गोपनीय रखा गया। डीएम व सुप्रीटेंडेंट इंजीनियर तक को इसकी कानों-कान भनक नहीं लगने दी गई।

सोमवार को स्थानीय मीडिया चैनलों पर यह खबर प्रसारित होने के बाद अधिकारियों में हडकंप मच गया। जिलाधिकारी विनय शंकर पांडे ने रात को ही सुप्रीटेंडेंट इंजीनियर को फोन पर जमकर लताड़ लगाई। उन्होंने एसई को मौके पर जाकर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को भी कहा। इस पूरे मामले को दबाने में जुटे एसई ओमप्रकाश मौके पर पहुंचे लेकिन, मीडिया को देखते ही चुप्पी साध ली।

इससे पहले भी हो चुके हैं ऐसे कारनामे…
भ्रष्ट इंजीनियरों का गढ़ बने उत्तरकाशी में इससे पहले भी चार पुल ध्वस्त हो चुके हैं। ये हैं भ्रष्टाचार की पूरी कहानी बयान करने वाले तीन अन्य पुल ये हैं…
1. अस्सी गंगा पर गंगोरी में निर्माणाधीन बीआरओ का मोटर पुल उद्घाटन से ठीक पहले ध्वस्त हो गया था।
2. धौंतरी में भी 2014 में मोटर पुल ध्वस्त हुआ।
3. 2012 में गंगोत्री हाईवे पर स्वारीगाड़ में बीआरओ का निर्माणाधीन वैली ब्रिज ध्वस्त हो हुआ।