सियाचिन ग्लेशियर में एवलॉन्च के बाद 25 फुट मोटी बर्फ की परत के नीचे दबा सेना का एक जवान सोमवार को चमत्कारिक रूप से छह दिनों बाद जिंदा मिला। उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।

उत्तरी सैन्य कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल डीएस हुड्डा ने बताया, ‘यह एक चमत्कारिक बचाव अभियान था। आज सुबह लांस नायक हनामन थापा को आर.आर. अस्पताल ले जाने के लिए सभी प्रयास किए गए।’ उन्होंने बताया, ‘अब तक पांच शव बरामद किए जा चुके हैं और चार की पहचान भी हो चुकी है। दुखद है कि अन्य सैनिक हमारे साथ नहीं हैं।’ उन्होंने उम्मीद जताई कि कर्नाटक के रहने वाले थापा के साथ एक और चमत्कार हो।

पाकिस्तान से लगी नियंत्रण रेखा के करीब 19,000 फुट की ऊंचाई पर चौकी के एवलॉन्च की चपेट में आने से एक जूनियर कमीशंड अधिकारी (जेसीओ) और मद्रास रेजिमेंट के अन्य नौ अधिकारी जिंदा दफन हो गए थे। यहां पर तापमान शून्य से 40-45 डिग्री सेल्सियस नीचे रहता है।