मिल गया अपना राज्यगीत, ‘उत्तराखंड मातृभूमि देवभूमि शत-शत अभिनंदन’

उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के 15 साल बाद ‘उत्तराखंड मातृभूमि देवभूमि शत-शत अभिनंदन’ नामक राज्य गीत बनकर तैयार हो गया है। मुख्यमंत्री की मौजूदगी में हेमंत बिष्ट की रचना और लोकगायक नरेंद्र सिंह नेगी की आवाज से सुसज्जित इस राज्य गीत का अनावरण हुआ।

इसके बाद बाद गायक नरेंद्र सिंह नेगी ने कहा कि इस गीत में उत्तराखंड की लोक संस्कृति, धर्म और रीति रिवाज की झलक है। अपने उत्तराखंड को बने पूरे डेढ दशक हो गए हैं, लेकिन मौजूदा मुख्यमंत्री हरीश रावत के प्रयासों से राज्यगीत अब मिला है।

हाल ही में ‘उत्तराखंड मातृभूमि देवभूमि शत-शत अभिनंदन’ नामक राज्य गीत पर राज्य कैबिनेट ने अपनी मुहर लगाई थी। राज्य गीत नैनीताल जिले के हेमंत बिष्ट की रचना है।

इस गीत को गढ़रत्न के उपनाम से मशहूर लोकगायक नरेंद्र सिंह नेगी और अनुराधा निराला ने इसे अपनी आवाज दी है, जिसका मुख्यमंत्री हरीश रावत की मौजूदगी में उनके न्यू कैंट निवास पर संस्कृति विभाग ने अनावरण किया।

सीएम रावत ने इसे एक गौरव का क्षण बताते हुए नरेंद्र नेगी को इसमें जरूरत के हिसाब से संसोधन कर अंतिम रूप देने का अधिकार दिया। बता दें कि मुख्मयंत्री ने राज्य गीत के लिए प्रसिद्ध साहित्यकार लक्ष्मण सिंह बटरोही की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित की थी, जिसमें शामिल सदस्याओं ने हेमंत बिष्ट की रचना को राज्यगीत के लिए चुना।

खास बात ये है कि इस गीत में उत्तराखंड राज्य की लोकसंस्कृति, धर्म और रीति रिवाज व रहन सहन का समावेश है। इस राज्य गीत को थोडा संसोधित करके दो अथवा तीन मिनट में पूरा किया जाएगा, इस मौके पर मुख्यमंत्री ने राज्य गीत में अपना योगदान देने वाले सभी लोगों को सम्मानित भी किया।

गढवाली लोकगायक नरेंद्र सिंह नेगी का कहना है कि पहली बार हिंदी में गाना उनके लिए चुनौतीपूर्ण था। वहीं लोक संस्कृति विभाग की निदेशक बीना भटट का कहना है कि मुख्यमंत्री की पहल के रूप में मिले राज्यगीत से हम फख्र महसूस कर रहे हैं।