अर्द्धकुम्भ के दौरान पड़ने वाली सोमवती अमावस्या का अपना अलग ही महत्त्व होता है। इस बार सोमवती अमास्या में जो योग है वह करीब 24 साल बाद पड़ रहा है और ऐसा योग इसके बाद फिर 12 साल बाद पड़ेगा। यही कारण है कि इस सोमवती अमस्या को ज्योतिष दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

धार्मिक नगरी हरिद्वार में इन दिनों अर्द्धकुंभ की धूम है और सोमवार सुबह से ही यहां श्रद्धालुओं का तांता लग जाएगा। सोमवती अमावस्या रविवार रात करीब दस बजे से शुरू होकर सोमवार रात तक रहेगी और इस दौरान स्नान भी होगा। लेकिन, हिन्दू मान्यताओं के अनुरूप सूर्योदय से मुहूर्त माना जाता है जो पूरे दिन चलता है।

नए स्वरूप में नजर आएगा ऋषिकेश का त्रिवेणी घाट
ऋषिकेश का त्रिवेणी घाट को सोमवती अमावस्या के स्नान के मौके पर इस बार बिलकुल एक नए स्वरूप में नजर आएगा। कुम्भ प्रशासन और पुलिस ने सोमवती अमावस्या की तैयारियां पूरी कर ली हैं, जहां घाटों पर महिलाओं के लिए कपड़े बदलने की पूरी व्यवस्था की गई है। वहीं, त्रिवेणी घाट पर फर्स्ट एड सेंटर भी खोले गए हैं।

त्रिवेणी घाट इस बार पावन सोमवती अमावस्या स्नान के समय रात में अलग ही सुन्दरता के साथ नजर आने वाला है, जहां घाट को लाइटों से सजाया गया है तो वहीं, घाटों के आस-पास कई रंगों में झरने भी श्रद्धालुओं का मन मोहने को तैयार हैं।

इस बार हरिद्वार की तर्ज पर ऋषिकेश के त्रिवेणी घाट को भी सजाया गया है, जो रात को पहले के त्रिवेणी घाट से अलग ही नजर आएगा। स्थानीय लोगों के साथ ही श्रद्धालु भी इस फेरबदल से काफी खुश नजर आ रहे हैं।

इस बार सोमवती अमावस्या के स्नान के मौके पर त्रिवेणी घाट में श्रद्धालुओं की संख्या पहले से काफी ज्यादा होने की सम्भावना है, जिसे लेकर कुम्भ मेला प्रशासन और पुलिस द्वारा भी इस बार चाक चौबंद व्यवस्था की जा रही है।