ऋषिकेश AIIMS में विवाद और गहराया, अस्पताल पर ताला लगाने की तैयारी!

पिछले पांच-छह दिनों से एम्स ऋषिकेश में चल रहा विवाद और गहराता जा रहा है। जहां एक ओर नौकरी से बाहर कर दिए गए कर्मचारियों ने अपना आंदोलन तेज कर दिया है। वहीं एम्स के निदेशक अब भी पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। चाहे इसकी कीमत एम्स को बंद करवाकर चुकानी पड़े।

यहां तक कि हड़ताली कर्मचारियों के साथ ही कई बीजेपी-कांग्रेज के नेताओं के एम्स में घुसने पर भी पाबंदी लगा दी गई है, तो कोर्ट ने भी एम्स के 200 मीटर के दायरे में धरना प्रर्दशन पर रोक लगा दी है।

एम्स अपनी स्वास्थ्य सेवाओं के लिए दुनिया भर में मशहूर है, लेकिन हाल के पांच दिनों से एम्स में इलाज कम और बवाल ज्यादा हो रहा है। सफाई कर्मचारी हड़ताल पर हैं, जिसका सीधा असर स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ा है, लेकिन एम्स निदेशक एम्स को बन्द करने को तैयार हैं पर झुकने को तैयार नहीं।

हड़ताली कर्मचारियों ने भी पहले धरना दिया, फिर निदेशक का पुतला फूंका और अब तो एम्स निदेशक राजकुमार की शव यात्रा तक निकाल दी। निदेशक ने बीजेपी और कांग्रेस के नताओं पर एम्स में घुसने पर पाबंदी लगा दी है, तो नेता भी आरोपों की झडी लगा रहे हैं।

एम्स ऋषिकेश में चल रहा यह विवाद किसी के लिए भी ठीक नहीं है। न ही एम्स के निदेशक के लिए और न ही सफाईकर्मियों के लिए। इसमें नुकसान सबका है।

जिम्मेदारी जिसकी सबसे ज्यादा हो उसे ही बीच का रास्ता निकाल एम्स के इस विवाद को समाप्त करवाना ,होगा ताकि पहले की ही तरह एम्स फिर पूरे देश से आने वाले मरीजों को अपनी स्वास्थ्य सेवाएं दे सके।