कुमांऊनी लोकगीत ‘झन दिया ब्योज्यू छाना बिल्लौरी’ तो आपने सुना ही होगा, जिसमें एक पिता से अपनी बेटी का ब्याह छाना बिल्लौरी न करने की अर्ज की जाती है। इस गीत में बताया जाता है कि छाना बिल्लौरी में ‘घाम’ धूप बहुत तेज होती है और वहां लोगों को लू लग जाती है।

पारंपरिक गाने की धुन से अलग उत्तराखंड के युवा कलाकार गौरव पांडे ने इसे एक अलग ही अंदाज में गाया है। गौरव की आवाज में यह गाना बिल्कुल अलग ही दुनिया में ले जाता है।

इसके उलट कुमाऊं के सुप्रसिद्ध कलाकार स्वर्गीय गोपाल बाबू गोस्वामी ने भी छाना-बिल्लौरी के लिए एक गीत गाया है। गोस्वामी ने अपने गाने में इस जगह की खूब तारीफ की है। वे मानते थे कि छाना बिल्लौरी को यूं ही बदनाम किया है और इस गीत में एक पिता से कहते हैं कि आप अपनी बेटी की शादी छाना-बिल्लौरी में जरूर करना, वह बहुत अच्छी जगह है और वहां लू नहीं लगती।

गोस्वामी छाना बिल्लौरी के लोगों को रंगीला और अच्छा बताते हैं। वे कहते हैं कि यहां के लोग संगीत को भी खूब पसंद करते हैं। सुनें छाना-बिल्लौरी की तारीफ स्वर्गीय गोपाल बाबू गोस्वामी की आवाज में…