पिथौरागढ़ जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) डीडीहाट में चल रही प्रशिक्षण कार्यशाला में शिक्षकों को बताया गया कि अब स्कूलों में सुबह के समय होने वाली प्रार्थना को कुमाऊंनी धुन और लय में गाया जाएगा।

पांच दिन तक चलने वाले प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को कुमाऊंनी लय की पूरी जानकारी दी जाएगी। डायट के अधिकारियों का तर्क है कि कुमाऊंनी लय एवं धुन में प्रार्थना होने पर विद्यार्थियों की उत्सुकता बढ़ेगी और ग्रामीण अंचलों के बच्चे इसे जल्दी ग्रहण भी कर लेंगे।

डायट के प्राचार्य पीएस मेहरा ने कहा कि आज के समय में स्कूलों में सुबह की प्रार्थना कराना मात्र औपचारिकता रह गया है, यदि इसमें स्थानीय बोली का पुट दिया जाए तो प्रार्थना के प्रति बच्चों की जिज्ञासा भी बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि अब प्रार्थना कुमाऊंनी धुन और लय में होगी।

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स्कूलों में होने वाली प्रार्थना की कुमाऊंनी धुन तैयार की जाएगी। प्रशिक्षण में आठ विकासखंडों के 25 अध्यापक भाग ले रहे हैं। प्रशिक्षण के दौरान दैनिक प्रार्थना, वंदना, देशभक्ति गीत, प्रतिज्ञा, राष्ट्रगीत, राष्ट्रगान, राष्ट्रीय त्योहारों, स्वागत गीत का भी अभ्यास कराया जाएगा।

मास्टर ट्रेनर डॉ. सीबी जोशी ने बताया कि यह प्रशिक्षण राष्ट्रीय पाठ्यचर्चा को आधार मानते हुए स्थानीय संस्कृति पर आधारित है। उन्होंने उम्मीद जताई कि शिक्षक प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद कुमाऊंनी लय और धुन को अपना लेंगे और स्कूलों में इसे लागू किया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान शास्त्रीय संगीत की भी जानकारी दी जाएगी।