नेशनल ग्रिड में लोड बढ़ने पर गुरुवार को उत्तराखंड में बिजली संकट गहरा गया। मांग और उपलब्धता में अंतर आने पर राज्य में विभिन्न जगहों पर घंटों बिजली कटौती करनी पड़ी। उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) के अफसर कुछ लोड घटने पर डिस्पैच सेंटर से ज्यादा बिजली लेने की अनुमति लेने की कोशिश करते रहे।

गुरुवार को मांग बढ़ने की वजह से नेशनल ग्रिड में लोड बढ़ गया। लोड बढ़ने पर नॉर्दर्न रीजन लोड डिस्पैच सेंटर (एनआरएलडीसी) ने उत्तर भारत के सभी राज्यों को अपना लोड कम करने के निर्देश दिए हैं। राज्य की कुल बिजली मांग तीन करोड़ 72 लाख 50 हजार यूनिट रही।

केंद्रीय पूल से गुरुवार को उत्तराखंड को एक करोड़ 37 लाख 50 हजार यूनिट बिजली उत्पादन मिला। राज्य के जल विद्युत गृहों में 80 लाख 90 हजार यूनिट बिजली प्राप्त हुई। यूपीसीएल ने हरियाणा से बैंकिंग से 200 मेगावाट बिजली लेनी भी जारी रखी।

इंडियन एनर्जी एक्सचेंज से भी अतिरिक्त बिजली खरीदकर मांग और उपलब्धता के अंतर को दूर करने की कोशिश की गई। फिर भी राज्य के हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर जिलों के ग्रामीण क्षेत्रों में चार घंटे तक की कटौती करनी पड़ गई। पर्वतीय क्षेत्रों और औद्योगिक इलाकों में पांच घंटे तक की बिजली कटौती हुई।

यूपीसीएल के प्रवक्ता मधुसूदन ने कहा कि बिजली की कमी को देखते हुए यूपीसीएल ने शुक्रवार के लिए 50 लाख यूनिट अतिरिक्त बिजली की खरीद कर ली है।