गैरसैंण नहीं देहरादून में ही होगा बजट सत्र, चुनावी बजट पेश करेंगी इंदिरा हृदयेश

उत्तराखंड विधानसभा का बजट सत्र गैरसैंण में होने की संभावनाओं को संसदीय कार्यमंत्री इंदिरा हृदयेश ने खारिज कर दिया है। साथ ही कहा है कि सत्र मार्च के पहले हफ्ते में शुरू होगा और सरकार कर रहित बजट देने की कोशिश कर रही है, क्योंकि ये मौजूदा सरकार का अंतिम बजट सत्र होगा।

वित्त मंत्री होने की हैसियत से इंदिरा हृदयेश बजट तैयार करने को लेकर भी अधिकारियों से मंथन कर रही हैं। बजट सत्र को लेकर हालांकि अभी तारीखें तय नहीं हो पाई हैं, लेकिन माना जा रहा है कि होली से पहले दो हफ्ते का बजट सत्र लाया जा सकता है।

इस वर्ष बजट में अवस्थापना विकास के साथ-साथ कुछ योजनाओं का बजट बढ़ाने और साल 2018 में प्रस्तावित राष्ट्रीय खेलों के लिए अलग से बजट निर्धारित करने तैयारी की जा रही है।

पिछले साल के मुकाबले इस साल राज्य के बजट में करीब दस फीसदी की बढ़ोत्तरी हो सकती है, जिसमें अवस्थापना विकास से जुड़े मामलों को लेकर ज्यादा फोकस किया जा रहा है।

सड़क पेयजल और महिला कल्याण की योजनाओं को लेकर बजट बढ़ाया जा सकता है, लेकिन इस साल के बजट में राज्य सरकार राजस्व बढ़ाने के संसाधनों पर कम ध्यान दे रही है।

वित्त मंत्री इंदिरा हृदयेश साफ तौर पर कहती हैं कि ये मौजूदा सरकार का अंतिम बजट है और चुनावी वर्ष होने के नाते इस तरफ भी सरकार का ध्यान रहेगा, यानी एक तरीके से चुनावी लोकलुभावन बजट देने की कोशिश हो सकती है, जिससे जनता के विकास की तस्वीर भी नजर आए और कोई बोझ भी जनता पर ना पड़े।

हालांकि अभी वित्त वर्ष 2016-17 के लिए बजट को अंतिम रूप नहीं दिया जा सका है, लेकिन विभागों से मिल रही मांगों के संदर्भ में वित्त मंत्री इंदिरा हृदयेश ने अफसरों के साथ मंत्रणा की है।

इस साल के बजट में ये भी खास रह सकता है कि सरकार साल 2018 में होने वाले राष्ट्रीय खेलों के लिए अलग से बजट निर्धारित करते हुए खेल विकास की अपनी छवि को जनता के सामने रखने की कोशिश कर सकती है।

वित्त मंत्री इंदिरा हृदयेश कहती हैं कि राज्य सरकार ने हर वर्ग के विकास के लिए काम किया है, इसलिए जनता और कर्मचारी सभी का रुझान कांग्रेस को दोबारा सरकार बनाने देने का है और इसको बहुत बारीकी से समझकर तालमेल से काम करने की जरूरत है।