उत्तराखंड को उच्च शिक्षा का उत्कृष्ट केंद्र बनाने के लिए हों गंभीर प्रयास : राज्यपाल

देहरादून।… उत्तराखंड को उच्च शिक्षा के क्षेत्र में ‘उत्कृष्ट केन्द्र’ बनाने के लिए गंभीर प्रयास करने की जरूरत पर बल देते हुए राज्यपाल डॉ. कृष्णकांत पाल ने मंगलवार को कहा कि यहां की स्वास्थ्यप्रद जलवायु तथा प्रदूषणमुक्त वातावरण को छोड़कर पढ़ने के लिए कोई बाहर नहीं जाना चाहेगा।

यहां उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय के स्थापना दिवस समारोह को बतौर मुख्य अतिथि सम्बोधित करते हुए डॉ. पाल ने कहा कि यह अवसर पिछली उपलब्धियों पर विचार करते हुए भविष्य के लिए भी योजनाएं बनाने का है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय राष्ट्रनिर्माण की आधारशिला होते हैं और विश्वविद्यालयों को अतीत व भविष्य के बीच सेतु बनकर काम करना होगा।

विश्वविद्यालयों को अभिनव विचारों का पालनकर्ता बताते हुए राज्यपाल ने कहा कि उन्हें युवाओं में नवाचार, रचनात्मक और आत्मविश्वास से परिपूर्ण सोच विकसित करके राष्ट्रनिर्माण में सहयोग करना होगा तथा प्रौद्योगिकी के विद्यार्थियों को सीमित दायरे से हटकर नवाचार तथा उसके परिणामों के लिए विशेष रूप से प्रोत्साहित करना होगा।

देहरादून राजभवन से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, राज्यपाल ने विश्वविद्यालय से सम्बद्ध विभिन्न कॉलेजों के मानक स्तर को बनाए रखने के लिए कुलपति को औचक निरीक्षण सुनिश्चित करने की सलाह भी दी। उन्होंने विश्वविद्यालयों में उद्योगों की जरूरतों के मुताबिक तथा युवाओं को रोजगार मुहैया कराने की दृष्टि से अधिकाधिक रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रम चलाए जाने पर विशेष बल दिया।

उच्च शिक्षा के क्षेत्र में सुधार के लिए राज्यपाल ने विश्वविद्यालयों को प्रोत्साहित करने के लिए उत्कृष्टता हेतु ‘इंटर यूनिवर्सिटी चांसलर ट्रॉफी’ की घोषणा भी की। उन्होंने प्रधानमंत्री के ‘मेक इन इंडिया’, ‘डिजिटल इंडिया’ तथा ‘स्टार्टअप इंडिया’ कार्यक्रमों का जिक्र करते हुए कहा कि ये कार्यक्रम युवाओं के लिए बहुत लाभकारी हैं और इनके विषय में युवाओं को सम्पूर्ण जानकारी देने के लिए विश्वविद्यालय में ‘काउंसलिंग सेंटर’ स्थापित किए जाने चाहिए।