उत्तराखंड में गंगा किनारे बसे शहरों में सोमवार से प्‍लास्टिक पर प्रतिबंध लग गया है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने गंगा किनारे हर शहर में प्लास्टिक बैन के आदेश दिया है। यही नहीं गंगा में कूड़ा डालने वालों पर जुर्माना लगाए लगाने की बात कही गई है।

पॉलीथिन का इस्‍तेमाल करने पर 5000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। पॉलीथिन मुक्त हरिद्वार बनाने के लिए पांच टीमें गठित की गई हैं। ये टीमें अलग-अलग क्षेत्रों में जाकर इस अभियान को सफल बनाने की कोशिश करेंगी।

no-plastic-bagsगौरतलब है कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने बीते 10 दिसंबर को गोमुख से हरिद्वार तक गंगा किनारे हर प्रकार के प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगाने के आदेश दिए थे। एनजीटी ने कहा था कि गोमुख से हरिद्वार तक प्लास्टिक एक फरवरी 2016 से पूरी तरह प्रतिबंधित होगा। इसमें प्लास्टिक कैरीबैग, प्लास्टिक प्लेट्स, गिलास, चम्मच, पैकेज जैसी सभी सामग्री शामिल हैं।

गोमुख से हरिद्वार तक गंगा किनारे स्थित हर छोटे-बड़े शहर में यह पाबंदी लागू होगी। किसी भी स्थिति में कितनी भी मोटाई वाले प्लास्टिक बैग का उपयोग नहीं होगा। इनकी खरीद, भंडारण व बिक्री भी पूरी तरह प्रतिबंधित होगी।