स्थायी राजधानी को लेकर कांग्रेस में कलह, कैबिनेट मंत्री हरक सिंह की पत्नी गैरसैंण के पक्ष में

देहरादून को स्थायी राजधानी बनाए जाने की बात पूरे दमखम से कहने वाले कद्दावर कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत की पत्नी व पौड़ी की जिला पंचायत अध्यक्ष दीप्ति रावत ने हरक के विपरीत प्रस्तावित राजधानी गैरसैंण को ही राजधानी बनाए जाने का पक्ष लिया है।

प्रदेश में कांग्रेस व राज्य की सत्ता में दो कद्दावर सख्शियत मुख्यमंत्री हरीश रावत और उनके चर्चित कैबिनेट मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत को अपने घर के अंदर से ही चुनौतियां मिल रही हैं।

गैरसैंण को राजधानी घोषित किये जाने के पक्ष में जहां विधानसभा अध्यक्ष व विधानसभा उपाध्यक्ष अनुसूया प्रसाद मैखुरी खुलकर उतर चुके हैं वहीं पहाड़ी क्षेत्र से ही विधायक हरक सिंह रावत के देहरादून के पक्ष में उतरने से सीएम की मुसीबतें बढ़ी हुई थीं कि एक बार फिर उनके सलाहकार ने ही परेशानियां बढ़ा दी हैं।

श्रीनगर में उफल्डा ट्यूबवैल पम्पिंग योजना के लोकार्पण के दौरान पहुंचे सीएम हरीश रावत के सलाहकार व पौड़ी के विधायक सुंदरलाल मन्द्रवाल ने साफ-साफ गैरसैंण के खिलाफ अपनी राय व्यक्त की।

मुख्यमंत्री के सलाहकार का जहां साफ कहना है कि गैरसैंण को राजधानी बनाने से पहाड़ों के विकास की बात गलत है। हद तो तब हो गई जब उन्होंने कह दिया कि गैरसैंण से ही विकास नहीं हो सकता, बल्कि गंगा के किनारे बैठकर भी विकास हो जाता है।

कैबिनेट मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत की पत्नी और वर्तमान में पौड़ी जिला पंचायत अध्यक्ष दीप्ति रावत का कहना है कि गैरसैंण के राजधानी बनने से पहाड़ों का विकास होगा। उन्होंने कहा कि स्थानीय जनता की भी यही राय है, इसलिए राजधानी गैरसैंण में ही बननी चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य निर्माण के दौरान ही गैरसैंण को राज्य की राजधानी घोषित कर दिया जाना चाहिए था।