उत्तराखंड में अल्मोड़ा जिले के चर्चित नैनीसार मामले में मुख्यमंत्री हरीश रावत ने आयुक्त कुमाऊं मंडल को जांच के आदेश दिए हैं। सीएम रावत ने मामले की नजाकत को देखते हुए सोमवार को इस मामले की जांच के आदेश दे दिए।

आयुक्त कुमाऊं मंडल को मुख्यमंत्री ने 15 दिन में जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। बता दें कि जिंदल ग्रुप को रानीखेत के नैनीसार में स्कूल के लिए जमीन देने का मामला इन दिनों काफी गरमाया हुआ है। पीसी तिवाड़ी और कई संगठन नैनीसार में जिंदल को जमीन देने का लगातार विरोध कर रहे थे।

उधर, नैनिसार मामले की जांच मामले में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने राज्य सरकार की एजेंसियों और अधिकारियों पर भरोसा न करने की बात कहते हुए जांच पर सवाल उठा दिए हैं।

भट्ट ने कहा कि सरकार अपनी दमनकारी नीतियों को छिपाने के लिए अधिकारियों को ढाल बना रही है। नैनीसार में जिंदल ग्रुप को जमीन देने का विरोध कर रहे कार्यकर्ताओं पर सरकार के कथित उत्पीड़न का नैनीसार में विरोध लगातार बढ़ता जा रहा है।

पीसी तिवाड़ी की रिहाई की मांग
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नैनीसार में परिवर्तन पार्टी के अध्यक्ष पीसी तिवाड़ी की रिहाई की मांग राज्य सरकार से की गई है। यूकेडी के पूर्व अध्यक्ष नारायण सिंह जंतवाल ने कहा कि राज्य सरकार आंदोलन का दमन करना चाहती है, लेकिन राज्य भी अन्दोलन से ही बना था।

नारायण सिंह जंतवाल ने कहा कि राज्य में जिस तरह से जमीनों की खुली लूट बीजेपी और कांग्रेस ने की है और दोनों दलों का यहां के सरोकारों से कोई भी नाता नहीं है। यूकेडी के पूर्व अध्यक्ष जंतवाल ने कहा है कि सरकार पीसी तिवाड़ी पर लगे मुकदमों को वापस ले और उनकी रिहाई सुनिश्चित करे और साथ ही यूकेडी ने कहा है कि नैनीसार का पूरा सच भी राज्य सरकार बाहर लाए।

साथ ही जंतवाल का कहना है कि हिमालयी राज्यों में जमीन बाहरी लोगों की देने में कानूनी तौर पर प्रतिबंध है, लेकिन सरकार ने राज्य में जमीनों की खुली लूट मचा रखी है। बता दें कि राज्य सरकार ने नैनीसार में 353 नाली जमीन जिंदल ग्रुप को दे दी थी, जिसके बाद जनता के भारी विरोध के चलते सरकार को वहां पुलिस मुस्तैद करनी पड़ी।

उसके बाद भी 26 जनवरी को नैनीसार में आंदोलन के लिए गए आंदोलनकारियों पर पुलिस ने कार्रवाई के तहत पीसी तिवाड़ी को जेल भेज उन पर कई मुकदमे लगा दिए। इसके बाद आंदोलन उग्र होता देख यूकेडी ने पहाड़ के लोगों के लिए इसे नया आंदोलन करने की बात कहकर पीसी तिवाड़ी से मुकदमे वापस लेने की वकालत की है।